सीजी भास्कर, 22 मई। कोरिया जिले में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान गुरुवार को प्रशासनिक हलकों में अचानक हलचल (Good Governance) बढ़ गई। कार्यक्रम में पहुंचे लोगों के बीच उस समय चर्चा तेज हो गई जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिकायत सामने आते ही अधिकारियों पर सख्त रुख दिखाना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद कई लोगों ने इसे सरकार के बदलते तेवर से जोड़कर देखा।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों में भी अलग तरह की बेचैनी नजर आई। लोगों की शिकायतों को मुख्यमंत्री खुद गंभीरता से सुनते दिखाई दिए। जैसे ही सहकारी बैंक से जुड़ा मामला सामने आया, तुरंत कार्रवाई की बात होने लगी और कुछ ही देर में बड़ा फैसला ले लिया गया।
खाद गबन मामले में कार्रवाई : Good Governance
मुख्यमंत्री ने सहकारी बैंक में पदस्थ लेखापाल कल्लू प्रसाद मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। बताया गया कि खाद गबन मामले में समय पर कार्रवाई नहीं करने और गंभीर लापरवाही बरतने की शिकायत सामने आई थी। जांच के दौरान यह भी पता चला कि मामले को लेकर जिम्मेदार स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बिना देरी किए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए।
शिकायत मिलते ही बढ़ी सख्ती
सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री के पास सहकारी बैंक से जुड़ी कई शिकायतें पहुंची थीं। शिकायतों में कार्रवाई में देरी और अधिकारियों की निष्क्रियता की बात कही गई थी। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीर मानते हुए अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सहायक आयुक्त पर भी गिरी गाज
इससे पहले सहायक आयुक्त सहकारी संस्थाएं आयुष प्रताप सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई (Good Governance) की जा चुकी है। लगातार मिल रही शिकायतों और कार्य में लापरवाही को देखते हुए उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए गए थे। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों के बाद विभागीय अमले में भी चर्चा तेज हो गई है।
योजनाओं की समीक्षा भी की
सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री ने कई विभागों की समीक्षा बैठक भी ली। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के लंबित मामलों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पात्र हितग्राहियों को समय पर योजना का लाभ मिलना चाहिए और निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।



