सीजी भास्कर, 23 मई : दुर्ग जिले के जामगांव आर थाना क्षेत्र अंतर्गत सेवा सहकारी समिति मर्यादित कुम्हली एवं उपार्जन केंद्र कुम्हली में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान धान खरीदी (Paddy Embezzlement Case) में गबन का एक बड़ा मामला सामने आया है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग शाखा जामगांव आर के शाखा प्रबंधक महेन्द्र कुमार मढरिया की लिखित शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए समिति प्रबंधक अतुल कुमार वर्मा के खिलाफ एफआइआर (FIR) दर्ज कर ली है।
मिली जानकारी के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में उपार्जन केंद्र कुम्हली में 15 नवंबर 2025 से 6 फरवरी 2026 तक कुल 53,956.40 क्विंटल धान की खरीदी की गई थी। इसके बाद नियमानुसार 1 अप्रैल 2026 तक धान का मिलिंग व अन्य कार्यों के लिए परिवहन भी पूर्ण कर लिया गया था। धान उठाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 23 अप्रैल 2026 को खाद्य एवं सहकारिता विभाग के उच्च अधिकारियों की एक संयुक्त टीम द्वारा उपार्जन केंद्र का औचक भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया गया। इस जांच के दौरान जब सरकारी रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद वास्तविक भंडारण का मिलान किया गया, तो अधिकारियों के होश उड़ गए।
लाखों का धान और हजारों बारदाने गायब
जांच टीम को मौके पर रिकॉर्ड (Paddy Embezzlement Case) के मुकाबले कुल 690.70 क्विंटल धान कम मिला, जिसकी शासकीय कीमत करीब 21 लाख 41 हजार 170 रुपए आंकी गई है। गड़बड़ी सिर्फ धान तक ही सीमित नहीं थी; ऑनलाइन रिकार्ड के अनुसार केंद्र में 15,595 नग बारदाना स्टॉक में उपलब्ध होना चाहिए था, लेकिन भौतिक सत्यापन में जमीन पर केवल 12,538 नग बारदाना ही मिला। इस प्रकार कुल 3,057 नग बारदाने कम पाए गए, जिसकी अनुमानित कीमत 2 लाख 13 हजार 645 रुपए बताई गई है।
कुल गबन की राशि
धान और बारदाना (Paddy Embezzlement Case) की कमी को मिलाकर समिति प्रबंधक द्वारा कुल 23 लाख 54 हजार 815 रुपए के सरकारी माल का गबन किया जाना पाया गया है। जामगांव आर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी प्रबंधक के खिलाफ सुसंगत धाराओं में अपराध दर्ज कर मामले की विस्तृत विवेचना शुरू कर दी है।



