सीजी भास्कर, 28 मई : गरियाबंद जिले (Gariaband News) के मैनपुर विकासखंड अंतर्गत अमलीपदर क्षेत्र में सोशल मीडिया पर आदिवासी समाज के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी और अपशब्दों के इस्तेमाल का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में समाज के लोग अमलीपदर थाना पहुंच गए।
मामले को लेकर सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग कांदाडोंगर परिक्षेत्र देवभोग-अमलीपदर के नेतृत्व में समाजजनों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया के जरिए आदिवासी समाज की भावनाओं को आहत करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की गई है।
सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार ग्राम अमलीपदर निवासी संस्कार नामक युवक द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आदिवासी समाज के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक भाषा और अमर्यादित टिप्पणियां की गईं। पोस्ट वायरल होते ही समाज के लोगों में नाराजगी फैल गई।
समाज के लोगों का कहना है कि किसी भी समाज विशेष के खिलाफ इस प्रकार की टिप्पणी न केवल अपमानजनक है, बल्कि सामाजिक सद्भाव के लिए भी खतरा है। लोगों ने मांग की कि आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
नारेबाजी करते हुए थाने पहुंचे समाजजन
सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग के अध्यक्ष भोले मांझी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण और समाज के पदाधिकारी अमलीपदर थाना (Gariaband News) पहुंचे। इस दौरान लोगों ने आरोपी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग उठाई।
समाज की ओर से थाना प्रभारी को लिखित शिकायत भी सौंपी गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर किसी समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाना अस्वीकार्य है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए अमलीपदर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी दिलीप मेश्राम ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299, 353(2) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 की धारा 3(1)(न) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
बड़ी संख्या में जुटे समाज के लोग
प्रदर्शन (Gariaband News) के दौरान भोले मांझी, धनसिंग मरकाम, शुभम कपिल, पुलस्त नेताम, मधुप्रताप नागेश, दीक्षित मांझी, नवीन सोम, किसन नेताम, अमलीपदर सरपंच हेमोबाई नागेश, श्रुति ध्रुवा, धनसिंग कुंजाम, मुकेश मरकाम, लोकेश पाथर और कुंजबिहारी ध्रुव सहित बड़ी संख्या में सर्व आदिवासी समाज के लोग मौजूद रहे।




