सीजी भास्कर, 29 मई : क्या नौतपा की भीषण और झुलसाने वाली आग (CG Weather Alert Nautapa Rain) में जल रहे छत्तीसगढ़ को प्रकृति अब एक बहुत बड़ी राहत देने जा रही है? सदियों से यह माना जाता रहा है कि नौतपा के दिनों में सूरज देवता अपने सबसे रौद्र रूप में होते हैं, लेकिन इस बार मौसम के बदले मिजाज ने सारे पुराने रिकॉर्ड और अनुमानों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। छत्तीसगढ़ के मौसम विभाग ने एक ऐसा आक्रामक और चौंकाने वाला बुलेटिन जारी किया है, जिसने तपती धूप से बेहाल नागरिकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है।
प्रदेश के 27 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक और मूसलाधार बारिश का एक बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। यह महज एक मौसमी बदलाव नहीं है, बल्कि नौतपा की भयंकर तपन से जूझ रहे छत्तीसगढ़िया जनजीवन के लिए एक संजीवनी बूटी की तरह है। सरकार ने इस आसमानी बदलाव को देखते हुए आपदा प्रबंधन की टीमों को मुस्तैद रहने के कड़े निर्देश दिए हैं।
इस नए क्लाइमेट माडल (CG Weather Alert Nautapa Rain) के एक्टिव होते ही पूरे छत्तीसगढ़ के आसमान में काले बादलों का डेरा जमा होना शुरू हो चुका है। मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि अगले 24 घंटों के भीतर पूरे प्रदेश के तापमान में भारी और उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जाएगी।
पिछले 24 घंटों की बात करें जहां अधिकतम तापमान में कोई बहुत बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया था, और राज्य के एक-दो अंदरूनी हिस्सों में ग्रीष्म लहर (लू) का जानलेवा कहर साफ बना हुआ था। लेकिन अब मानसूनी सिस्टम और स्थानीय चक्रवातों के आपसी मिलन से मौसम का पूरा ढर्रा बदलने जा रहा है। आज से पूरे प्रदेशभर में नई मौसमी प्रणालियां पूरी आक्रामकता के साथ सक्रिय रहेंगी, जिससे तेज अंधड़ के साथ बारिश की गतिविधियों में भारी बढ़ोतरी होना तय है।
वज्रपात और भारी बारिश की कड़क चेतावनी
मौसम विभाग ने राज्य के भौगोलिक और पर्यावरणीय हालातों को देखते हुए चेतावनियों को दो अलग-अलग कड़े स्तरों में बांटा है। इस क्रम में सबसे ज्यादा संवेदनशीलता उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में देखी जा रही है। विभाग ने जशपुर, सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों के लिए एक कड़क ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
इस ऑरेंज अलर्ट का सीधा मतलब यह है कि इन चारों जिलों में आने वाले घंटों में प्रकृति का बेहद उग्र रूप देखने को मिल सकता है। यहाँ इन क्षेत्रों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से आंधी चलने, आसमान से खतरनाक बिजली गिरने (वज्रपात) और बेहद भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। स्थानीय जिला प्रशासनों ने तुरंत हरकत में आते हुए मुनादी शुरू करा दी है और आम जनता से बेहद भावुक अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान किसी भी हाल में अपने घरों से बाहर न निकलें और कच्चे ढांचों से दूर रहें।
हर कोने में पहुंचेगी राहत की बौछार
राहत की यह फुहार केवल उत्तर छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका एक विशाल महाजाल पूरे सूबे में फैल चुका है। मौसम वैज्ञानिकों ने रायपुर और बिलासपुर संभाग सहित बस्तर के वनांचलों तक के 27 जिलों के लिए ‘यलो अलर्ट’ की तगड़ी चेतावनी जारी की है। इस लिस्ट में छत्तीसगढ़ का लगभग हर वो हिस्सा शामिल है जो पिछले कई हफ्तों से भट्टी की तरह सुलग रहा था। यलो अलर्ट के दायरे में आने वाले मुख्य जिले इस प्रकार हैं
बस्तर संभाग: सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, कांकेर।
दुर्ग एवं रायपुर संभाग : धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम।
बिलासपुर एवं सरगुजा संभाग : जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, मुंगेली, कोरिया।
इन सभी जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश होने और धूलभरी आंधियां चलने का एक सुव्यवस्थित माडल (CG Weather Alert Nautapa Rain) सक्रिय हो चुका है। जहाँ पहले लोग दोपहर के वक्त सड़कों पर निकलने से खौफ खा रहे थे, तहाँ अब इस ठंडी बयार से लोगों को एसी और कूलरों के भारी-भरकम बिजली बिलों से भी एक बड़ी और व्यावहारिक राहत मिलने की उम्मीद जाग गई है।
44 डिग्री के टॉर्चर से मिलेगी मुक्ति, छाएंगे काले बादल
राजधानी रायपुर के निवासियों के लिए शुक्रवार का दिन एक बेहद खूबसूरत और सुहावना सप्राइज लेकर आने वाला है। पिछले कई दिनों से रायपुर की जनता दोपहर के वक्त लू के थपेड़ों और झुलसाने वाली गर्मी से बुरी तरह त्रस्त थी, लेकिन अब मौसम विभाग ने रायपुरवासियों को इस तपन से परमानेंट मुक्ति दिलाने का पूरा खाका तैयार कर दिया है। शुक्रवार को रायपुर के आसमान में सुबह से ही घने और काले बादलों का डेरा रहेगा।
शहर में तेज अंधड़ चलने के साथ ही गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश होने के पुख्ता आसार बन रहे हैं। तापमान के आंकड़ों की बात करें तहाँ रायपुर का अधिकतम तापमान अब 44 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज होने की उम्मीद है। हालांकि 44 डिग्री का आंकड़ा सुनने में थोड़ा ज्यादा लगता है, लेकिन तेज हवाओं और बादलों की मौजूदगी के कारण उमस और सीधे पड़ने वाली तीखी धूप का असर पूरी तरह से खत्म हो जाएगा, जिससे शहर का माहौल बेहद खुशनुमा और ठंडा महसूस होगा।
मौसम वैज्ञानिकों की कड़क एडवाइजरी
इस बड़ी और सुखद राहत के बीच मौसम विभाग ने जान-माल की सुरक्षा को लेकर एक बेहद आक्रामक और गंभीर गाइडलाइन भी जारी की है। वैज्ञानिकों ने आगाह किया है कि नौतपा के दौरान आने वाले ये तूफान अपने साथ भारी मात्रा में आकाशीय बिजली लेकर आते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए, जब भी आसमान में कड़कड़ाहट शुरू हो, तहाँ लोग तुरंत पक्के मकानों की शरण लें। किसी भी सूरत में ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों या लोहे के बड़े मोबाइल टावरों के नीचे खड़े होने की गलती बिल्कुल न करें।
इसके साथ ही शहरी और ग्रामीण इलाकों के लोगों को सलाह दी गई है कि वे तेज आंधी के दौरान अपने घरों के कीमती इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग बिजली बोर्ड से पूरी तरह बाहर निकाल दें, ताकि हाई-वोल्टेज और अर्थिंग से होने वाले नुकसान से बचा जा सके। किसानों को भी अपनी तैयार फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखने का अल्टीमेटम दिया गया है। छत्तीसगढ़ का यह बदलता हुआ क्लाइमेट माडल (CG Weather Alert Nautapa Rain) निश्चित रूप से प्रकृति के एक नए और अप्रत्याशित रूप का गवाह बन रहा है, जहाँ झुलसाती गर्मी के बीच सावन जैसी फुहारें धरती की प्यास बुझाने को बेताब हैं।




