सीजी भास्कर, 29 मई। दुर्ग जिले में साइबर अपराधियों ने ‘गूगल अपडेट’ के नाम पर ठेकेदार के बैंक खाते से 1.99 लाख रुपए की ठगी की है। ठगों ने मोबाइल हैक कर वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित की शिकायत पर मोहन नगर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। (Fraud in the name of Google update)
जानकारी के मुताबिक शंकर नगर दुर्ग निवासी महेंद्र कुमार देशलहरा (36) ठेकेदारी का काम करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 22 मई 2026 को उनके मोबाइल पर ‘गूगल अपडेट’ से संबंधित एक मैसेज आया था। इसे सामान्य सिस्टम अपडेट समझकर उन्होंने मैसेज खोल दिया।
मैसेज खोलते ही उनका मोबाइल फोन असामान्य तरीके से काम करने लगा। फोन के कई सिस्टम अचानक बंद हो गए। मोबाइल हैंग होने लगा। इसी दौरान साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते तक पहुंच बना लेते हुए वारदात को अंजाम दिया।
दो दिनों में तीन बार में निकली रकम : Fraud in the name of Google update
पीड़ित के अनुसार, 22 मई को सुबह करीब 11:30 बजे उनके बंधन बैंक खाते से 94,999 रुपए निकाले गए। इसके ठीक एक मिनट बाद सुबह 11:31 बजे 5,001 रुपए ट्रांसफर हो गए। अगले दिन, 23 मई को शाम करीब 4 बजे फिर 99,500 रुपए खाते से निकाल लिए गए।
इस तरह कुल 1,99,500 रुपए की ठगी हुई। महेंद्र कुमार ने बताया कि ठगी के दौरान उनका मोबाइल पूरी तरह से उनके नियंत्रण से बाहर हो गया था। कोई भी सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा था।
बैंक सहित साइबर हेल्पलाइन में शिकायत
लगातार रकम कटने के बाद पीड़ित ने पहले बैंक, साइबर हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उन्होंने मोहन नगर थाना पहुंचकर लिखित आवेदन दिया। शिकायत के साथ बैंक खाते की डिटेल, साइबर कंप्लेन की कॉपी भी पुलिस को सौंपी गई है।
भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज : Fraud in the name of Google update
पुलिस ने प्रारंभिक जांच में मामला साइबर फ्रॉड का पाए जाने पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मोबाइल हैकिंग से बढ़ रहे साइबर अपराध
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक साइबर अपराधी अब फर्जी लिंक, अपडेट मैसेज, APK फाइल के जरिए लोगों के मोबाइल फोन को हैक कर रहे हैं। एक बार फोन का एक्सेस मिलते ही ठग बैंकिंग ऐप, OTP, निजी जानकारी तक पहुंच बना लेते हैं।
अनजान लिंक खोलने से बचें : Fraud in the name of Google update
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक, अपडेट, एप्लिकेशन को बिना सत्यापन ओपन नहीं करना चाहिए। मोबाइल पर आने वाले फर्जी सिस्टम अपडेट मैसेज साइबर अपराधियों का नया हथियार बन चुके हैं। फिलहाल पुलिस ट्रांजेक्शन डिटेल, मोबाइल डेटा, बैंकिंग ट्रेल के आधार पर साइबर ठगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।




