सीजी भास्कर, 30 मई : अगर आप सोच रहे हैं कि भारतीय क्रिकेट (Asian Games 2026 India) में सब कुछ ठीक चल रहा है, तो बीसीसीआई (BCCI) का यह नया फैसला आपके पैरों तले जमीन खिसका देगा। जापान में 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियन गेम्स 2026 के लिए चयनकर्ताओं ने जब 30 संभावित खिलाड़ियों की लिस्ट तैयार की, तो उसमें एक ऐसा खौफनाक सस्पेंस निकलकर सामने आया जिसने पूरे क्रिकेट कॉरीडोर में कोहराम मचा दिया है।
टी20 फॉर्मेट में गेंदबाजों के धागे खोलने वाले दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाज और मौजूदा कप्तान सूर्यकुमार यादव का नाम इस लिस्ट से सीधे काट दिया गया है। जी हां, सूर्या को बिना किसी ठोस वजह के दूध में से मक्खी की तरह बाहर फेंक दिया गया है, जबकि दूसरी तरफ महज 15 साल के स्कूल जाने वाले लड़के वैभव सूर्यवंशी की एंट्री करा दी गई है। सिलेक्टर्स के इस आक्रामक और हैरान करने वाले बदलाव (Asian Games 2026 India) ने कई सीनियर खिलाड़ियों के करियर पर परोक्ष रूप से सवालिया निशान लगा दिया है।
अब नए कप्तान की तलाश में बोर्ड
इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच सबसे बड़ा और पेचीदा सवाल कप्तानी को लेकर खड़ा हो गया है। जब टी20 का परमानेंट बॉस यानी सूर्या ही टीम में नहीं होगा, तो इस बिखरी हुई सेना की कमान कौन संभालेगा? रेस में ऋषभ पंत, हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह जैसे खूंखार मैच विनर शामिल तो हैं, लेकिन कप्तानी का ताज किसके सिर सजेगा, इस पर सस्पेंस गहरा गया है। अंदरखाने से खबर आ रही है कि श्रेयस अय्यर, संजू सैमसन और पिछली बार भारत को गोल्ड मेडल जिताने वाले ऋतुराज गायकवाड़ के बीच कप्तानी हथियाने की एक अंदरूनी जंग छिड़ चुकी है। टीम इंडिया के भीतर चल रही इस गुटबाजी और सियासत को खत्म करने के लिए बीसीसीआई के आला अफसर बैकस्टेज एक बड़ा प्रयास (Asian Games 2026 India) कर रहे हैं, ताकि टीम मैदान पर उतरने से पहले बिखर न जाए।
टीम इंडिया के वैभव बनेंगे सूर्यवंशी
ट्विस्ट सिर्फ खिलाड़ियों की लिस्ट में नहीं है, बल्कि हेड कोच की कुर्सी को लेकर भी एक बड़ा खेल होने जा रहा है। व्यस्त इंटरनेशनल शेड्यूल का बहाना बनाकर नियमित कोचिंग स्टाफ को आराम दिया जा सकता है और वीवीएस लक्ष्मण को इस युवा टीम का ‘सुप्रीम कमांडर’ (चीफ कोच) बनाकर जापान भेजा जा सकता है। सबसे सनसनीखेज बात यह है कि 14 साल के वैभव सूर्यवंशी को सिर्फ एशियन गेम्स ही नहीं, बल्कि उससे पहले होने वाले आयरलैंड, इंग्लैंड और जिम्बाब्वे दौरे पर भी सीनियर टीम की जर्सी पहनाने की तैयारी चल रही है। अब सबसे बड़ा सस्पेंस यह है कि क्या बिना रीढ़ की हड्डी (सूर्या) के ये युवा लड़के चीन और पाकिस्तान जैसी टीमों के सामने भारत के स्वर्ण पदक के खिताब को बचा पाएंगे, या फिर सिलेक्टर्स का यह आत्मघाती दांव भारत को ले डूबेगा?




