सीजी भास्कर, 30 मई : भिलाई के प्रगति नगर रिसाली स्थित संत भवन में शनिवार को एक बेहद अनूठे, कल्याणकारी और मानवीय स्वास्थ्य अभियान की शुरुआत हुई है। एक्यूप्रेशर रिसर्च ट्रेनिंग व ट्रीटमेंट संस्थान, जोधपुर (राजस्थान) और श्री 1008 मल्लिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, रिसाली के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल नि:शुल्क एक्यूप्रेशर शिविर का विधिवत शुभारंभ 30 मई से कर दिया गया है। यह विशेष स्वास्थ्य शिविर आगामी 5 जून 2026 तक लगातार संचालित रहेगा।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में रासायनिक दवाओं के दुष्प्रभावों से पीड़ित आम जनता को प्राचीन और वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों के जरिए रोगमुक्त बनाना है। इस अभूतपूर्व और परोपकारी कदम (CG Risali Accupressure Camp) के बाद से रिसाली सहित पूरे भिलाई और दुर्ग जिले के गंभीर मरीजों में स्वास्थ्य लाभ पाने की एक नई उम्मीद जग गई है।
दरअसल, यह पूरा आयोजन केवल एक सामान्य चिकित्सा शिविर नहीं है, बल्कि इसके पीछे बिना किसी दवा या ऑपरेशन के असाध्य बीमारियों को जड़ से खत्म करने का एक वैज्ञानिक सस्पेंस और प्राचीन सुजोक थेरेपी का चमत्कार छुपा हुआ है। शिविर का शुभारंभ भगवान श्री महावीर स्वामी के चित्र के समक्ष समाज के वरिष्ठजनों द्वारा दीप प्रज्वलन कर पूरी श्रद्धा के साथ किया गया। इस मौके पर जोधपुर से पहुंचे प्रख्यात एक्यूप्रेशर विशेषज्ञ डॉ. गोरधन चौधरी तथा डॉ. भीमसेन चौधरी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जो अपनी अनुभवी टीम के साथ बिना किसी आर्थिक स्वार्थ के लोगों के शरीर के बंद पड़े नसों के ढर्रे को एक्टिव कर रहे हैं। इस अनोखी चिकित्सा पद्धति के कारण मरीजों को होने वाले शारीरिक नुकसान (CG Risali Accupressure Camp) और दवाओं के साइड इफेक्ट्स से पूरी तरह मुक्ति मिल रही है, जिससे इस शिविर को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
मात्र 2 घंटे में टूटे रजिस्ट्रेशन के सारे रिकॉर्ड
जैन मंदिर समिति रिसाली के मंत्री कमलेश जैन ने एक बेहद भावुक और प्रेरक संदेश देते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर ही मानव जीवन की सबसे बड़ी और अनमोल पूंजी है। आज के समय में हर दूसरा व्यक्ति किसी न किसी क्रॉनिक बीमारी से जूझ रहा है। समिति के उपाध्यक्ष संतोष कुमार जैन ने बताया कि शिविर के प्रति लोगों की दीवानगी और आवश्यकता का सस्पेंस इसी बात से खुल जाता है कि प्रथम दिन सुबह मात्र दो घंटे के भीतर ही 100 से अधिक गंभीर मरीजों ने अपना पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) करा लिया। रीढ़ की हड्डी और घुटनों के दर्द से कराहते बुजुर्गों को जब बिना दवा के तुरंत आराम मिलने लगा, तो वहां मौजूद लोगों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। चिकित्सा जगत के पारंपरिक ढर्रे में यह वैकल्पिक थेरेपी एक बहुत बड़ा और सकारात्मक बदलाव (CG Risali Accupressure Camp) लेकर आ रही है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बताया कि इस 7 दिवसीय शिविर में एक्यूप्रेशर, वाइब्रेशन एवं सुजोक चिकित्सा पद्धति के अनूठे मेल से घुटनों का दर्द, मोटापा, ब्लड प्रेशर, शुगर, गैस, कब्ज, सर्वाइकल, कमर एवं जोड़ों का दर्द, पुराना माइग्रेन (सिरदर्द), साइटिका, आंख, कान, नाक व गले के रोग, वेरीकोज वेंस, पैरालिसिस (लकवा), मस्सा, बवासीर, मानसिक तनाव, डिप्रेशन तथा हाथ-पैरों में होने वाली झुनझुनी सहित 20 से अधिक गंभीर रोगों का बिना किसी औषधि के पूरी तरह सफल उपचार किया जा रहा है। मरीजों की सहूलियत के लिए समिति ने एक कड़ा नियम (CG Risali Accupressure Camp) तय किया है जिसके तहत यह शिविर प्रतिदिन दो पालियों में सुबह प्रातः 8:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक एवं सायं 4:30 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक लगातार सेवा प्रदान करेगा, ताकि नौकरीपेशा लोग भी इसका लाभ उठा सकें।
आने वाले दिनों में लगेगा महा रक्तदान शिविर
प्रगति नगर रिसाली के इस संत भवन में चल रहे इस शिविर को सफल बनाने में जैन समाज और मंदिर समिति के पदाधिकारी जी-जान से जुटे हुए हैं। इस पुण्य कार्य में उपाध्यक्ष श्रेयांश जैन, विमल जैन एवं अमित जैन का विशेष सराहनीय सहयोग मिल रहा है। समिति ने घोषणा की है कि इस स्वास्थ्य शिविर के तुरंत बाद आने वाले समय में समाज के युवाओं के सहयोग से एक विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का भी बड़े पैमाने पर आयोजन किया जाएगा, ताकि अस्पतालों में खून की कमी से जूझ रहे लाचार मरीजों की जान बचाई जा सके।
अब सबसे बड़ा सस्पेंस और प्रशासनिक चुनौती यह है कि क्या महज 5 जून तक चलने वाले इस संक्षिप्त शिविर में भिलाई-दुर्ग के हजारों पंजीकृत मरीजों को पूरी तरह अटेंड करने की गति (CG Risali Accupressure Camp) को डॉक्टर बरकरार रख पाएंगे? इसके लिए डॉक्टरों की टीम ने अतिरिक्त बेड और वॉलंटियर्स की संख्या बढ़ा दी है, ताकि दूर-दराज से आने वाले किसी भी पीड़ित गरीब व्यक्ति को बिना इलाज के वापस न लौटना पड़े। बहरहाल, रिसाली के इस नि:शुल्क एक्यूप्रेशर शिविर ने यह तो साबित कर दिया है कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है, और आने वाले 5 दिनों तक भिलाई की यह पावन धरती सैकड़ों रोगियों के जीवन में दर्दरहित और स्वस्थ सवेरा लेकर आने वाली है।




