सीजी भास्कर, 31 मई : छत्तीसगढ़ में आए दिन खाने-पीने की चीजों में गड़बड़ी (Sukma Korba Food Safety Issue) और अस्वच्छता से जुड़े मामले सामने आते रहते हैं। इसी कड़ी में अब सुकमा जिले से एक चौंकाने वाली घटना प्रकाश में आई है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला जिले के एर्राबोर क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह का है। समारोह के दौरान आंध्र प्रदेश से आए कुछ विक्रेताओं द्वारा आइसक्रीम बेची जा रही थी। इसी बीच एक आइसक्रीम में कथित तौर पर छिपकली मिलने की बात सामने आई, जिसके बाद मौके पर हड़कंप मच गया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
आइसक्रीम के अंदर छिपकली मिली
घटना के बाद वहां मौजूद लोगों ने तुरंत आइसक्रीम (Sukma Korba Food Safety Issue) खाना बंद कर दिया और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर नाराजगी जताई। बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद कुछ समय तक समारोह स्थल पर असहज स्थिति बनी रही और लोग काफी परेशान नजर आए। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आइसक्रीम के अंदर छिपकली जैसी वस्तु दिखाई दे रही है। वीडियो सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
प्रशासन से जांच की मांग
स्थानीय लोगों ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाए और खाद्य पदार्थों की नियमित जांच एवं निगरानी को और अधिक सख्त किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
जूस सेंटर की बर्फ में निकला मरा हुआ मेंढक
वहीं 5 अप्रैल को कोरबा जिले में खाद्य सुरक्षा (Sukma Korba Food Safety Issue) को लेकर एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया था। जिले के चौपाटी स्थित एक जूस सेंटर की बर्फ में मरा हुआ मेंढक मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। यह घटना उस समय सामने आई थी जब जूस सेंटर पर ग्राहकों के लिए जूस तैयार किया जा रहा था। गर्मी के मौसम में ठंडे पेय पदार्थों की बढ़ती मांग के बीच संचालक द्वारा जूस को ठंडा करने के लिए बर्फ तोड़ी गई थी। इसी दौरान बर्फ के अंदर एक मरा हुआ मेंढक दिखाई दिया था, जिसे देखकर लोग दंग रहे गए थे।
अफरा-तफरी का माहौल बन गया था
जैसे ही यह मामला सामने आया था, चौपाटी क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था और लोगों में नाराजगी फैल गई थी। घटना की जानकारी तत्काल खाद्य सुरक्षा विभाग को दी गई थी। विभागीय अधिकारियों ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही थी।
स्थानीय लोगों का कहना था कि गर्मी के मौसम में जूस सेंटरों पर बर्फ की खपत काफी बढ़ जाती है, लेकिन कई जगहों पर बर्फ की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया पर सवाल उठते रहे हैं। आशंका जताई जा रही थी कि कुछ स्थानों पर मानकों का पालन किए बिना बर्फ की सप्लाई और उपयोग किया जा रहा था।




