सीजी भास्कर, 03 जून। कोरबा के कटघोरा वनमंडल अंतर्गत जटगा रेंज में हाथियों का उत्पात जारी है। बीती रात 40 हाथियों के एक दल से अलग हुए 11 हाथियों ने बासीन सेक्टर के खाड़ीपारा गांव में जमकर तबाही मचाई। इन हाथियों ने दो किसानों की खड़ी फसल और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया। उत्पात के बाद हाथियों का यह दल जटगा के जंगल की ओर लौट गया। (11 elephants create havoc in Korba)
ग्रामीणों के अनुसार, यह घटना देर रात करीब 12 बजे हुई जब हाथियों का दल खाड़ीपारा पहुंचा। 11 हाथियों के समूह ने गांव के किनारे स्थित खेतों में घुसकर धान की फसल को रौंद दिया। उन्होंने खेत की मेड़ें तोड़ दीं और एक किसान की बाड़ी में लगे केले के पेड़ और सब्जियों को भी नष्ट कर दिया।
इसके अतिरिक्त, एक मकान की बाउंड्री वॉल को भी हाथियों ने धक्का मारकर गिरा दिया। हाथियों की चिंघाड़ और शोर से गांव में दहशत फैल गई, जिसके कारण लोग रातभर जागते रहे।
हाथियों के उत्पात के बाद वन विभाग मौके पर पहुंचा : 11 elephants create havoc in Korba
घटना की जानकारी मिलते ही जटगा रेंज का वन विभाग का दल सुबह मौके पर पहुंचा। रेंजर सहित टीम ने नुकसान का जायजा लिया और पंचनामा तैयार किया। प्रभावित किसानों से आवेदन लेकर मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वन विभाग ने बताया कि फसल और संपत्ति के नुकसान का आकलन कर नियम के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।
जटगा रेंज में इन दिनों करीब 45 हाथी अलग-अलग झुंडों में घूम रहे हैं। बासीन सेक्टर में 40 हाथियों का बड़ा दल सक्रिय है, जिसमें से 11 हाथी खाड़ीपारा गांव में घुसे थे। इसके अलावा 5 हाथियों का एक और झुंड भी आसपास के जंगल में मौजूद है। हाथियों की लगातार आवाजाही से खेतों और गांवों में खतरे की स्थिति बनी हुई है।
हाथियों की लगातार निगरानी में जुटा वन विभाग
वन विभाग की टीम हाथियों (11 elephants create havoc in Korba) की लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। ट्रैकर दल जीपीएस के माध्यम से हाथियों की लोकेशन ट्रेस कर ग्रामीणों को सतर्क कर रहा है। गांव-गांव में मुनादी कराकर लोगों को रात में जंगल की ओर न जाने, अकेले बाहर न निकलने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की हिदायत दी जा रही है।
वन अमले ने बताया कि महुआ और धान की फसल की उपलब्धता के कारण हाथी गांव की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इन लगातार हो रही घटनाओं के कारण बासीन, जटगा और खाड़ीपारा क्षेत्र के ग्रामीण दहशत में हैं।




