रिपोर्ट : आशुतोष सिंह राजपूत
सीजी भास्कर, 18 जुलाई। उत्तर उदंती क्षेत्र में शनिवार को एक अलग ही नजारा देखने (Eco Tourism) को मिला। दुपहिया वाहनों पर पहुंची महिला बाइकर्स टीम ने प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण किया तो रास्ते में ग्रामीणों से भी संवाद किया। टीम की इस पहल ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच पर्यावरण संरक्षण को लेकर नई चर्चा छेड़ दी।
देवधारा जलप्रपात पहुंचने के बाद टीम ने प्रकृति के बीच पौधारोपण कर लोगों को हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण और इको टूरिज्म को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। वहां मौजूद पर्यटकों ने भी इस पहल की सराहना की।

उत्तर उदंती के प्राकृतिक स्थलों का किया भ्रमण Eco Tourism
महिला बाइकर्स टीम ने मैनपुर वन विश्राम गृह में भोजन करने के बाद मैनपुर से जिदार ग्राम होते हुए कुल्हाड़ीघाट वन क्षेत्र का दुपहिया वाहनों से भ्रमण किया। इस दौरान टीम ने जंगल और पर्वतीय क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता का करीब से अवलोकन किया।
ग्रामीणों से किया संवाद
भ्रमण के दौरान टीम ने कुल्हाड़ीघाट के ग्रामीणों से मुलाकात कर क्षेत्र की प्राकृतिक और सामाजिक परिस्थितियों की जानकारी ली। इसके बाद पर्वतीय वन क्षेत्र का भ्रमण करते हुए देवधारा जलप्रपात पहुंचकर प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया।
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देवधारा में किया पीपल और बरगद का पौधारोपण Eco Tourism
देवधारा जलप्रपात में महिला बाइकर्स टीम ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पीपल और बरगद के पौधे लगाए। साथ ही वहां पहुंचे पर्यटकों और आगंतुकों को अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।

इको टूरिज्म के प्रयासों की सराहना
महिला बाइकर्स टीम ने उत्तर उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में पर्यटन विकास और इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। टीम का कहना था कि प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ पर्यटन को विकसित करना क्षेत्र के लिए सकारात्मक पहल है।
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अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम के दौरान उत्तर उदंती परिक्षेत्र अधिकारी ज्योति ध्रुव, वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी, कुल्हाड़ीघाट वन स्टाफ तथा गरियाबंद पुलिस के जवान मौजूद (Eco Tourism) रहे। पूरे आयोजन में पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन संवर्धन और जनजागरूकता पर विशेष जोर दिया गया।
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