सीजी भास्कर, 06 जून : बिलासपुर जिले (Bilaspur News) के सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम नरगोड़ा के लुदियापारा में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। गांव के नए तालाब में नहाने गए दो मासूम सगे भाइयों की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में शोक और मातम का माहौल है। बताया जा रहा है कि परिवार पहले से ही एक बुजुर्ग सदस्य के निधन के दुख से उबर नहीं पाया था। इसी बीच दो बच्चों की असमय मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
नहाने गए थे दोनों भाई, गहरे पानी में समा गई जिंदगी
मिली जानकारी के अनुसार, ऋषभ कुमार खरे और रितेश कुमार खरे शुक्रवार सुबह अपने एक साथी के साथ गांव के नए तालाब में नहाने गए थे। नहाते समय दोनों भाई खेलते-खेलते तालाब के गहरे हिस्से में पहुंच गए। गहराई का अंदाजा नहीं होने के कारण दोनों पानी में डूबने लगे।
उनके साथ मौजूद बच्चे ने जब दोनों को डूबते देखा तो घबराकर गांव की ओर दौड़ा और परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य और ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों ने बचाने की भरसक कोशिश की
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण तालाब पर जुट गए। लोगों ने तत्काल पानी में उतरकर बच्चों की तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद दोनों भाइयों को तालाब से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।
सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस
घटना की सूचना मिलने पर सीपत थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। प्रारंभिक जांच में तालाब के गहरे पानी में डूबने को ही मौत का कारण माना जा रहा है। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए, जिसके बाद गांव में गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार किया गया।
मां की चीख-पुकार से दहल उठा गांव
दोनों बच्चों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल है। जिन बच्चों की हंसी और किलकारियों से घर-आंगन गूंजता था, उनके अचानक चले जाने से पूरा परिवार टूट गया है। ग्रामीणों का कहना है कि एक ही परिवार के दो मासूम बेटों की एक साथ मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। घटना के बाद गांव के लोग लगातार पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उन्हें सांत्वना दे रहे हैं, लेकिन इस अपूरणीय क्षति की भरपाई संभव नहीं है।
गांव में छाया शोक
इस हृदयविदारक हादसे के बाद ग्राम नरगोड़ा सहित आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तालाबों और जलाशयों के आसपास सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग भी की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।




