सीजी भास्कर, 06 जून। पश्चिम बंगाल की राजनीति में उठे तूफान के बाद अब इसकी गूंज दिल्ली तक सुनाई देने (TMC Crisis) लगी है। तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी खींचतान को लेकर नए कयास लगाए जा रहे हैं। पार्टी में हुई बड़ी टूट के बाद अब सांसदों के रुख पर भी नजरें टिक गई हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
पार्टी नेतृत्व हालात को संभालने में जुटा हुआ है। अंदरूनी नाराजगी और संभावित असंतोष की खबरों के बीच वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता बढ़ गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में तृणमूल कांग्रेस के लिए यह सबसे बड़ी राजनीतिक परीक्षा साबित हो सकती है।
विधानसभा में बगावत के बाद बढ़ी हलचल : TMC Crisis
पश्चिम बंगाल विधानसभा में ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में विधायकों के अलग होने के बाद तृणमूल कांग्रेस दबाव में दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि करीब 60 विधायकों के अलग होने से पार्टी को बड़ा झटका लगा है। इस घटनाक्रम के बाद विधानसभा की राजनीति में नए समीकरण बनने लगे हैं।
सांसदों को लेकर भी बढ़ी चिंता
अब चर्चा इस बात की है कि विधानसभा में जो स्थिति बनी, उसका असर लोकसभा और राज्यसभा तक भी पहुंच सकता है। पार्टी के भीतर कुछ नेताओं का मानना है कि यदि असंतोष नहीं थमा तो संसद में भी नए राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।
वरिष्ठ नेता ने जताई आशंका
राज्यसभा सांसद Sukhendu Sekhar Roy ने भी इस संभावना को लेकर चिंता जाहिर की है। उनका कहना है कि जिस तेजी से विधायक अलग हुए हैं, उसी तरह की प्रतिक्रिया आगे भी देखने को मिल सकती है। हालांकि उन्होंने राज्यसभा को लेकर कोई स्पष्ट दावा नहीं किया, लेकिन ऐसी संभावना से पूरी तरह इनकार भी नहीं किया।
पार्टी ने किया दावों का खंडन
दूसरी ओर वरिष्ठ सांसद Sougata Roy ने पार्टी में किसी बड़े विभाजन की संभावना को खारिज किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल पार्टी को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन तृणमूल कांग्रेस इस चुनौती का सामना करने में सक्षम है।
इस सांसद को लेकर बढ़ी चर्चा
बारासात से सांसद Kakoli Ghosh Dastidar का नाम भी इन चर्चाओं के बीच सामने आ रहा है। पार्टी के भीतर उनकी नाराजगी पहले भी चर्चा का विषय (TMC Crisis) रही है। हालांकि उन्होंने किसी भी तरह की बगावत या अलग रुख अपनाने की बात सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं की है।
डैमेज कंट्रोल में जुटा नेतृत्व
सूत्रों के अनुसार हालात को संभालने के लिए Mamata Banerjee ने बीते दिनों कई विधायकों और सांसदों से बातचीत की है। पार्टी की कोशिश है कि किसी भी असंतोष को समय रहते दूर किया जाए और संगठन को एकजुट रखा जाए।
संसद में क्या हैं आंकड़े
फिलहाल तृणमूल कांग्रेस के पास लोकसभा में 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगे की स्थिति काफी हद तक सांसदों और संगठन के रुख पर निर्भर (TMC Crisis) करेगी। इसी वजह से बंगाल की यह राजनीतिक हलचल अब केवल विधानसभा तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसकी नजरें संसद की राजनीति पर भी टिकी हुई हैं।



