सीजी भास्कर, 07 जून : छत्तीसगढ़ में संगठन को नई धार देने और राजनीतिक गतिविधियों को तेज करने के उद्देश्य से आम आदमी पार्टी (AAP Worker Conference 2026) रविवार को राजधानी रायपुर में बड़ा कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित करने जा रही है। शहीद स्मारक भवन में होने वाले इस सम्मेलन में पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। पार्टी ने सम्मेलन का थीम “बदलेगा छत्तीसगढ़, बनेगा खुशहाल छत्तीसगढ़” रखा है।
प्रदेशभर से जुटेंगे पदाधिकारी और कार्यकर्ता
सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थकों के पहुंचने की संभावना है। पार्टी नेतृत्व इसे संगठनात्मक मजबूती और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने के अभियान के रूप में देख रहा है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ प्रभारी मुकेश अहलावत के साथ हाल ही में नियुक्त सह प्रभारी राकेश जाटव, राजेश कुमार, सौरभ झा और समर कुमार भी मौजूद रहेंगे।
पार्टी नेताओं द्वारा कार्यकर्ताओं को संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही गांवों और शहरी क्षेत्रों में संगठन की सक्रियता बढ़ाने पर विशेष चर्चा होगी।
बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर फोकस
सम्मेलन में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, सदस्यता अभियान को गति देने और जनता से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने की रणनीति तैयार की जाएगी। कार्यकर्ताओं को वार्ड, पंचायत और मोहल्ला स्तर तक पहुंचकर पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया जाएगा।
पार्टी का मानना है कि मजबूत बूथ नेटवर्क और लगातार जनसंपर्क अभियान के माध्यम से प्रदेश में राजनीतिक आधार को मजबूत किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से कार्यकर्ताओं को नई जिम्मेदारियां भी सौंपी जा सकती हैं।
शिक्षा, स्वास्थ्य और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर रहेगा जोर
AAP नेतृत्व का कहना है कि प्रदेश की जनता बेहतर शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाएं, रोजगार के अवसर और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन चाहती है। पार्टी इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार विधानसभा चुनाव के बाद संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाने के लिए आयोजित यह सम्मेलन AAP के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संजय सिंह का संबोधन और संगठन विस्तार को लेकर होने वाली घोषणाओं पर प्रदेश की राजनीतिक निगाहें टिकी हुई हैं।



