सीजी भास्कर, 07 जून : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर जशपुर (Jashpur Medical College) जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापना का सपना अब साकार होने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में जशपुर में इसी शैक्षणिक सत्र से 50 एमबीबीएस सीटों के साथ मेडिकल कॉलेज शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। इसके लिए विशेषज्ञ टीम ने जिले में उपलब्ध व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।
राज्य सरकार की योजना के अनुसार मेडिकल कॉलेज के साथ नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज और नेचुरोपैथी कॉलेज की स्थापना की प्रक्रिया भी जारी है। इन संस्थानों के शुरू होने से जशपुर सहित आसपास के आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा का लाभ मिलेगा, वहीं क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को भी नई मजबूती प्राप्त होगी।
विशेषज्ञ टीम ने किया विस्तृत निरीक्षण
मेडिकल कॉलेज (Jashpur Medical College) प्रारंभ करने की तैयारियों का मूल्यांकन करने के लिए 5 जून को रायपुर और अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज की विशेषज्ञ टीम जशपुर पहुंची। टीम ने प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए जिला चिकित्सालय जशपुर तथा शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन हेतु झारगांव स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, अस्पताल सुविधाओं, छात्र-छात्राओं के लिए उपलब्ध संसाधनों और अन्य आवश्यक अधोसंरचनाओं का विस्तृत अवलोकन किया गया। विशेषज्ञों ने संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया विस्तार
मेडिकल कॉलेज (Jashpur Medical College) शुरू होने से जशपुर सहित सरगुजा संभाग और आसपास के आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का स्तर बेहतर होगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी और गंभीर मरीजों को इलाज के लिए रायपुर, बिलासपुर या अन्य बड़े शहरों में रेफर करने की आवश्यकता कम होगी।
इसके साथ ही जिला अस्पताल की सुविधाओं का विस्तार होगा और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों तथा विशेषज्ञ सेवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे स्थानीय लोगों को गुणवत्तापूर्ण उपचार अपने जिले में ही मिल सकेगा।

स्थानीय युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
मेडिकल कॉलेज की स्थापना से जशपुर और आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को डॉक्टर बनने के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर एमबीबीएस सहित चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध होने से क्षेत्र के युवाओं को बेहतर अवसर प्राप्त होंगे और चिकित्सा क्षेत्र में नई पीढ़ी तैयार होगी।
विकास की नई इबारत लिखेगा जशपुर
निरीक्षण दल में डॉ. राजेश श्रीवास्तव, डॉ. अभिजीत कुमार दीवान, डॉ. आभा एक्का, प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज जशपुर के डीन डॉ. एस.पी. कुजूर तथा मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. बी.आर. सिदार शामिल रहे। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा, सिविल सर्जन डॉ. के.डी. कश्यप और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
मेडिकल कॉलेज की स्थापना को जशपुर जिले के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। यह परियोजना स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी तथा आदिवासी अंचल को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



