सीजी भास्कर, 09 जून : लोरमी बाईपास स्थित मंगल भवन इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और सनातन संस्कृति (T.S. Singhdeo Bhagwat Katha) के रंग में रंगा हुआ है। जहां एक ओर श्रीमद्भागवत कथा की अमृतधारा बह रही है, वहीं दूसरी ओर हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी इस आयोजन को आध्यात्मिक महाकुंभ का स्वरूप दे रही है। नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला द्वारा अपनी पूजनीय माता स्वर्गीय निर्मला शुक्ला की पुण्य स्मृति में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं तीन दिवसीय महा दरबार श्रद्धा का केंद्र बन गया है।
कथा के दूसरे दिन प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव (T.S. Singhdeo Bhagwat Katha) विशेष रूप से आयोजन में शामिल हुए। उन्होंने व्यास पीठ पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की, कथा का श्रवण किया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की। उनके आगमन पर पूरा कथा परिसर श्रद्धा और उत्साह से भर उठा।
भागवत कथा जीवन को बदलने वाली आध्यात्मिक शक्ति
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव (T.S. Singhdeo Bhagwat Katha) ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मनुष्य के जीवन को संस्कार, सदाचार और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि माता-पिता की स्मृति में ऐसा पुण्य आयोजन कराना भारतीय संस्कृति के सर्वोच्च आदर्शों में से एक है।
उन्होंने कहा कि रोहित शुक्ला और उनके परिवार ने अपनी माता की स्मृति को केवल पारिवारिक श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रखा, बल्कि पूरे नगर को धर्म और पुण्य से जोड़ने का कार्य किया है। ऐसे आयोजन समाज को संस्कारों से जोड़ते हैं और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से परिचित कराते हैं।
मां के संस्कारों को समाज तक पहुंचाने का प्रयास
नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी माता स्वर्गीय निर्मला शुक्ला उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा थीं। आज वे भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके दिए संस्कार और आदर्श हमेशा उनका मार्गदर्शन करते हैं।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा और महा दरबार का आयोजन उनकी माता की पुण्य स्मृति को जनकल्याण और धर्म से जोड़ने का विनम्र प्रयास है। उन्होंने आयोजन में पहुंचे सभी अतिथियों, श्रद्धालुओं और नगरवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
भक्ति में डूबा पूरा मुंगेली, जयकारों से गूंजा कथा परिसर
कार्यक्रम में पूर्व विधायक शैलेष पांडेय, कांग्रेस जिला अध्यक्ष घनश्याम वर्मा सहित राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र की अनेक हस्तियां मौजूद रहीं। कथा स्थल पर “जय श्रीकृष्ण” और “राधे-राधे” के जयघोष लगातार गूंजते रहे। बड़ी संख्या में मातृशक्ति, युवा और श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।
श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई थी। आयोजन स्थल पर उमड़ी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि आधुनिक दौर में भी सनातन संस्कृति और धार्मिक आयोजनों के प्रति लोगों की आस्था पहले की तरह अटूट बनी हुई है।
भक्ति, संस्कार और श्रद्धा का संगम
मुंगेली में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक एकता का उत्सव बन गई है। माता स्व. निर्मला शुक्ला की स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने इसे जिले के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल कर दिया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव की मौजूदगी ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ा दिया।



