सीजी भास्कर, 10 जून : छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB Water Crisis ) जिले के ग्राम पंचायत लोहारी अंतर्गत नवापारा गांव में भीषण जल संकट ने ग्रामीणों का जीवन कठिन बना दिया है। करीब 300 की आबादी वाला यह गांव इन दिनों पीने के पानी के लिए जूझ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि ग्रामीणों को पानी भरने के लिए कुएं के अंदर उतरना पड़ रहा है। गांव में जल संकट की यह तस्वीर सरकारी योजनाओं और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को भी उजागर कर रही है।
गांव के लोगों के अनुसार पूरे नवापारा में फिलहाल केवल एक कुआं ही पानी का सहारा बना हुआ है। लगातार गिरते जलस्तर के कारण कुएं में पानी बेहद कम बचा है। ऐसे में लोगों को कई फीट नीचे उतरकर बर्तनों में पानी भरना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हर दिन सुबह से लेकर देर रात तक पानी के लिए लंबी कतारें लगी रहती हैं, लेकिन इसके बावजूद सभी परिवारों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता।
पानी के लिए जान जोखिम में डाल रहे ग्रामीण
नवापारा के हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोगों को पानी पाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। कुएं के भीतर उतरकर पानी भरने के दौरान किसी भी समय हादसा होने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी की तलाश अब उनके दैनिक जीवन का सबसे कठिन काम बन चुका है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कुएं में उपलब्ध पानी भी पूरी तरह साफ नहीं है। पानी में मिट्टी और गंदगी की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। मजबूरी में लोग वही पानी पीने और घरेलू उपयोग में लेने को विवश हैं।
महिलाओं और बच्चों पर सबसे ज्यादा असर
जल संकट का सबसे अधिक असर गांव की महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों पर पड़ रहा है। पानी लाने की जिम्मेदारी अधिकतर महिलाओं पर है, जिन्हें घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ता है। कई परिवारों में सुबह की शुरुआत ही पानी की तलाश से होती है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ समस्या और गंभीर होती जा रही है। कई बार रात में भी पानी भरने के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ता है। इससे बच्चों की पढ़ाई और परिवारों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है।
जल जीवन मिशन पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद गांव तक पेयजल सुविधा नहीं पहुंच सकी है। उनका कहना है कि योजनाओं के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर लोग आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।
टंकी में लीकेज, बोरवेल भी हुए फेल
ग्राम पंचायत लोहारी के सरपंच ने बताया कि गांव में राहत पहुंचाने के लिए पिछले एक सप्ताह से टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत निर्मित पानी की टंकी में लीकेज की समस्या सामने आई है, जिसकी जानकारी संबंधित विभाग को दे दी गई है। इसके अलावा क्षेत्र में कराए गए अधिकांश बोरवेल भी सफल नहीं हो सके हैं, जिससे जलापूर्ति की समस्या और बढ़ गई है।
कलेक्टर ने दिए जांच और वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन भी सक्रिय हुआ है। कलेक्टर ने कहा है कि जल संकट की जानकारी प्रशासन को मिल चुकी है। प्रभावित क्षेत्रों की जांच कर वैकल्पिक जल व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही पानी की टंकी में लीकेज की शिकायत की जांच कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द स्थायी समाधान करेगा, ताकि उन्हें हर दिन पानी के लिए संघर्ष न करना पड़े।



