सीजी भास्कर, 08 जुलाई। छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित नगरीय निकाय चुनाव 2026 की तैयारियां तेज (CG Local Body Elections 2026) हो गई हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग (UAD) ने प्रदेश के चयनित नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों में वार्ड आरक्षण प्रक्रिया शुरू करने के लिए संबंधित जिला कलेक्टरों को अधिकृत करते हुए आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।
विभाग द्वारा जारी आदेश क्रमांक GENCOR-34/45/2025-UAD के अनुसार, छत्तीसगढ़ नगर पालिका (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं महिलाओं के लिए वार्डों का आरक्षण) नियम, 1994 के तहत आरक्षण की कार्रवाई पूरी कर प्रस्ताव संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को भेजना होगा।
क्या है आदेश का उद्देश्य?
आगामी नगरीय निकाय चुनाव को पारदर्शी एवं संवैधानिक प्रक्रिया के तहत संपन्न कराने के लिए सरकार ने आरक्षण प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। इसके तहत प्रत्येक निकाय में निर्धारित वार्ड संख्या के आधार पर अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) तथा महिलाओं के लिए वार्ड आरक्षित किए जाएंगे। इसके लिए संबंधित जिला कलेक्टरों को अधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है।

किन निकायों में शुरू होगी प्रक्रिया?
जारी सूची के अनुसार पहले चरण में इन निकायों में वार्ड आरक्षण किया जाएगा—
जिला दुर्ग
नगर निगम भिलाई
नगर निगम रिसाली
नगर निगम भिलाई-चरौदा
नगर पालिका परिषद जामुल
जिला रायपुर
नगर निगम बीरगांव
जिला बेमेतरा
नगर पंचायत मारो
जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई
नगर पालिका परिषद खैरागढ़
जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़
नगर पालिका परिषद सारंगढ़
जिला सूरजपुर
नगर पंचायत प्रेमनगर
जिला कोरिया
नगर पालिका परिषद बैकुंठपुर
नगर पालिका परिषद शिवपुर-चरचा
जिला उत्तर बस्तर कांकेर
नगर पंचायत नरहरपुर
जिला सुकमा
नगर पंचायत कोन्टा
जिला बीजापुर
नगर पंचायत भैरमगढ़
नगर पंचायत भोपालपटनम
चुनावी दृष्टि से क्यों है अहम? CG Local Body Elections 2026
वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही राजनीतिक दल अपने संभावित उम्मीदवारों का चयन कर पाएंगे। आरक्षण बदलने की स्थिति में कई वर्तमान पार्षदों और दावेदारों की चुनावी रणनीति भी बदल सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस आदेश के बाद स्थानीय स्तर पर चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
आगे क्या होगा? CG Local Body Elections 2026
अब संबंधित जिला कलेक्टर नियमों के अनुरूप वार्डवार आरक्षण का निर्धारण करेंगे। इसके बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। अंतिम अनुमोदन के बाद आरक्षित वार्डों की आधिकारिक सूची जारी होगी और चुनाव कार्यक्रम की दिशा में अगला चरण शुरू होगा।



