सीजी भास्कर, 08 जुलाई : विधानसभा के मानसून सत्र से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने मंत्रियों और विधायकों (BJP Strategy) को बड़ा टास्क दे दिया है। पार्टी ने साफ निर्देश दिए हैं कि सदन में सिर्फ मौजूदगी नहीं, बल्कि पूरी तैयारी के साथ उतरना है। विपक्ष के हर सवाल का जवाब तथ्यों, आंकड़ों और सरकार के कामकाज की जानकारी के साथ देने की तैयारी रखने को कहा गया है। बीजेपी का मानना है कि मानसून सत्र के दौरान विपक्ष कानून-व्यवस्था, किसानों, विकास कार्यों और सरकार की योजनाओं को लेकर कई मुद्दे उठा सकता है। ऐसे में किसी भी सवाल पर सरकार की ओर से कमजोर पक्ष सामने नहीं आना चाहिए।
विधायक दल की बैठक में बनी रणनीति
नवा रायपुर में हुई बीजेपी विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, मंत्री और विधायक मौजूद रहे। बैठक में करीब डेढ़ घंटे तक विधानसभा सत्र की रणनीति पर मंथन किया गया। विधायकों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं की स्थिति और स्थानीय समस्याओं की पूरी जानकारी के साथ सदन में पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
हर विधायक को सौंपा गया जिम्मा
बैठक में कहा गया कि विपक्ष यदि किसी विभाग या क्षेत्र को लेकर सवाल उठाता है तो उसका जवाब तुरंत और प्रभावी तरीके से दिया जा सके। इसके लिए विधायकों को संभावित सवालों और मुद्दों की पहले से तैयारी करने को कहा गया है। साथ ही मंत्रियों और विधायकों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने पर भी जोर दिया गया, ताकि सरकार का पक्ष सदन में एकजुट तरीके से रखा जा सके।
किसान, कानून-व्यवस्था और विकास कार्य रहेंगे बड़े मुद्दे
बैठक में कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याएं, आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्य, सड़क, बिजली, पानी और सरकार की प्रमुख योजनाओं को लेकर चर्चा हुई।
बीजेपी ने अपने विधायकों को निर्देश दिए हैं कि सदन के साथ-साथ मीडिया के सामने भी तथ्यात्मक जानकारी ही रखी जाए।
नकटी मामले पर घेराव की तैयारी
13 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा (BJP Strategy) के मानसून सत्र में नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और इससे जुड़े विवाद का मुद्दा भी उठ सकता है।
कांग्रेस पहले ही इस मामले को लेकर सरकार पर हमलावर है। ऐसे में बीजेपी ने भी विपक्ष के आरोपों का जवाब देने और सरकार की उपलब्धियां गिनाने की रणनीति तैयार कर ली है।
मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस के आसार हैं। बीजेपी ने अपने मंत्रियों और विधायकों को हर मुद्दे पर मजबूत तैयारी के साथ सदन में उतरने का संदेश दिया है।



