सीजी भास्कर, 10 जून : दुर्ग जिले के उतई थाना क्षेत्र में नकली सोना (Fake Gold Fraud Durg ) को असली बताकर ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने एक वाहन चालक को कम कीमत में असली सोना बेचने का झांसा देकर 10 हजार रुपये की ठगी कर ली। जब खरीदी गई धातु की जांच कराई गई तो वह नकली निकली। मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी जितेंद्र साहू (38 वर्ष) निवासी बजरंग चौक, बोरसी बस्ती, दुर्ग चार पहिया वाहन चलाने का कार्य करता है। उसने उतई थाना में शिकायत दर्ज कराई कि 2 जून 2026 को उसके परिचित दिनेश टंडन ने अपने साथियों भानुप्रताप (भानुराम) डहरिया, रामस्वरूप रौतेल, गणेश राम गंधर्व और पन्नालाल कुर्रे के साथ ग्राम गाड़ाडीह स्थित एक होटल के पास मुलाकात की।
असली सोना बताकर बेची नकली सिल्ली
शिकायत के अनुसार आरोपियों ने खुद को बड़ी मात्रा में सोना (Fake Gold Fraud Durg ) रखने वाला बताते हुए प्रार्थी को विश्वास में लिया। उन्होंने सोने जैसी दिखने वाली एक धातु की सिल्ली को असली सोना बताकर मात्र 10 हजार रुपये में बेच दिया। आरोपियों ने यह भी दावा किया कि भविष्य में और अधिक मात्रा में सस्ते दाम पर सोना उपलब्ध कराया जाएगा। लालच और भरोसे में आकर प्रार्थी ने आरोपियों को 10 हजार रुपये दे दिए और कथित सोने की सिल्ली खरीद ली।
जांच में खुला फर्जीवाड़े का राज
कुछ समय बाद जब जितेंद्र साहू ने उक्त धातु की जांच कराई तो वह पूरी तरह नकली निकली। आरोपियों द्वारा दिखाए गए दस्तावेज और कथित जांच रिपोर्ट भी संदिग्ध एवं फर्जी प्रतीत हुए। इसके बाद प्रार्थी को एहसास हुआ कि उसके साथ सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की गई है।
पांचों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
शिकायत के आधार पर उतई पुलिस ने आरोपी दिनेश टंडन, भानुप्रताप डहरिया, रामस्वरूप रौतेल, गणेश राम गंधर्व और पन्नालाल कुर्रे के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने सामूहिक रूप से नकली धातु को असली सोना बताकर धोखाधड़ी की है। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है और आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।



