सीजी भास्कर, 12 जून : पश्चिम बंगाल की राजनीति (West Bengal Politics) में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर बढ़ती नाराजगी और अंदरूनी कलह की खबरों के बीच पार्टी सांसद Jagdish Barma Basunia का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने दावा किया है कि पार्टी में नेताओं और सांसदों की राय को महत्व नहीं दिया जा रहा है, जिसके चलते कई जनप्रतिनिधि असंतुष्ट हैं और आगे भी कुछ नेता बड़ा कदम उठा सकते हैं।
उम्मीदवार चयन को लेकर जताई नाराजगी
जगदीश बर्मा बसुनिया ने कहा कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों के चयन के दौरान स्थानीय नेताओं, सांसदों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से कोई राय नहीं ली गई। उनके अनुसार निर्णय शीर्ष नेतृत्व और रणनीतिक सलाहकारों के स्तर पर ही लिए गए, जिससे संगठन के भीतर असंतोष बढ़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व संवाद की बजाय एकतरफा फैसले लेने की प्रवृत्ति अपना रहा है। यही वजह है कि कई नेता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
19 सांसदों की सूची का दावा
सांसद (West Bengal Politics) ने दावा किया कि 19 सांसदों ने अपने नाम लोकसभा अध्यक्ष कार्यालय को भेजे हैं और आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ सकती है। हालांकि इस सूची को लेकर पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। चर्चा में जिन सांसदों के नाम सामने आए हैं उनमें काकोली घोष, शताब्दी रॉय, सायोनी घोष, रचना बनर्जी, यूसुफ पठान, माला रॉय, जून मालिया और दीपक अधिकारी सहित कई प्रमुख चेहरे शामिल बताए जा रहे हैं।
ममता और अभिषेक के नेतृत्व पर सवाल
बसुनिया ने कहा कि पार्टी में कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों की बात सुनने की व्यवस्था कमजोर होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शीर्ष नेतृत्व में संवाद की कमी है, जिसके कारण संगठन के भीतर असंतोष बढ़ रहा है। उनका कहना है कि चुनावी हार के बाद पार्टी को आत्ममंथन करना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसी कारण कई नेता वर्तमान कार्यप्रणाली से नाराज हैं।
बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल West Bengal Politics
जगदीश बर्मा के बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ता है तो इसका असर भविष्य की राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक ढांचे पर पड़ सकता है। हालांकि अभी तक Mamata Banerjee या Abhishek Banerjee की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इन 19 सांसदों के नाम आए सामने
- काकोली घोष
- शताब्दी रॉय
- बापी हलदर
- डॉ. शर्मिला सरकार
- प्रसून बंद्योपाध्याय
- जगदीश बर्मा बसुनिया
- असित कुमार मल
- अरूप चक्रवर्ती
- रचना बनर्जी
- सायोनी घोष
- खलीलुर्रहमान
- अबू ताहिर खान
- यूसुफ पठान
- मिताली बैग
- माला रॉय
- कालीपद सोरेन
- दीपक अधिकारी (देव)
- जून मालिया
- पार्थ भौमिक



