सीजी भास्कर, 13 जून : राजधानी रायपुर के गंज थाना में नायब तहसीलदार दुष्कर्म मामला (Naib Tehsildar Rape Case) दर्ज किया गया है। रायपुर निवासी एक युवती की शिकायत पर सूरजपुर जिले में पदस्थ नायब तहसीलदार दिवाकर भास्कर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 के तहत अपराध दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मामले के सामने आने के बाद आरोपी अधिकारी के पुलिस की पहुंच से बाहर होने की चर्चा है।
सोशल मीडिया पर हुई पहचान, फिर बढ़ी नजदीकियां
पुलिस सूत्रों के अनुसार युवती और आरोपी अधिकारी की पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी। दोनों के बीच लगातार बातचीत होने लगी, जिसके बाद आरोपी ने युवती को शादी का भरोसा दिया। शिकायत के अनुसार इसी विश्वास के आधार पर युवती उससे मिलती रही। पीड़िता का आरोप है कि शादी का वादा कर उसे रायपुर के एक होटल में बुलाया गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
शादी की बात पर टालमटोल करने लगा आरोपी
युवती का कहना है कि जब उसने शादी को लेकर गंभीरता से बात की तो आरोपी लगातार टालमटोल करने लगा। इसके बाद उसे एहसास हुआ कि उसके साथ धोखे से संबंध बनाए गए हैं। खुद को ठगा महसूस करने के बाद युवती ने गंज थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
6 जून से मेडिकल लीव पर होने की जानकारी
जानकारी के मुताबिक आरोपी नायब तहसीलदार वर्तमान में सूरजपुर जिले के लटौरी क्षेत्र में पदस्थ हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद से वह पुलिस की पहुंच से बाहर बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने 6 जून से मेडिकल लीव ले रखी है और तब से कार्यालय में भी उपस्थित नहीं हुए हैं। हालांकि इस संबंध में पुलिस की जांच जारी है।
गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही पुलिस
पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश शुरू कर दी है। उसके निवास और अन्य संबंधित स्थानों पर भी टीम भेजी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और जांच को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। जांच के दौरान पुलिस होटल में ठहरने से संबंधित रिकॉर्ड, मोबाइल कॉल डिटेल, सोशल मीडिया चैट, मैसेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच करेगी। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संरक्षण के आरोपों का पुलिस ने किया खंडन
मामले को लेकर कुछ सामाजिक संगठनों ने आरोपी अधिकारी को संरक्षण मिलने की आशंका जताई है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और किसी भी प्रकार का संरक्षण नहीं दिया जा रहा है। पुलिस के अनुसार शिकायत मिलने के बाद नियमानुसार अपराध दर्ज किया गया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।




