सीजी भास्कर, 14 जून : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में फर्जी दस्तावेजों (Fake Driving License Case) के आधार पर ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाने की शिकायत के बाद पुलिस और परिवहन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई की है। जांच के लिए पहुंची टीम ने एक ट्रेवल्स एजेंसी में दबिश देकर कई दस्तावेज जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में कई आवेदकों के पते समान पाए जाने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया है।
जानकारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ नवसीखिए चालक भारी वाहनों के लिए जारी ड्राइविंग लाइसेंस का उपयोग कर सड़कों पर वाहन चला रहे हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि स्थानीय स्तर पर संचालित बाबा ट्रेवल्स नामक एजेंसी फर्जी और भ्रामक दस्तावेज तैयार कर बाहरी राज्यों के लोगों को रायगढ़ का निवासी दर्शाते हुए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का काम कर रही है।
फर्जी निवास प्रमाण के आधार पर लाइसेंस बनाने का आरोप
पुलिस को दिए गए लिखित आवेदन में दावा किया गया कि ओडिशा और अन्य राज्यों के लोगों के लिए कथित रूप से ऐसे दस्तावेज (Fake Driving License Case) तैयार किए जा रहे थे, जिनके आधार पर उन्हें रायगढ़ निवासी बताकर ड्राइविंग लाइसेंस जारी कराने की प्रक्रिया पूरी की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई।
पुलिस, यातायात और आरटीओ की संयुक्त कार्रवाई
मामले के सत्यापन के लिए सीएसपी और यातायात डीएसपी के नेतृत्व में आरटीओ विभाग तथा यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने बाबा ट्रेवल्स कार्यालय में दबिश दी। जांच के दौरान टीम ने कई दस्तावेजों की पड़ताल की और आवश्यक रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिया।
जांच अधिकारियों के अनुसार दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच में कई आवेदकों के पते एक जैसे पाए गए हैं। इससे संदेह और गहरा गया है। अब सभी दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लाइसेंस तो जारी नहीं किए गए।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
अधिकारियों का कहना है कि जब्त दस्तावेजों और रिकॉर्ड की विस्तृत जांच की जा रही है। यदि जांच में अनियमितता या फर्जीवाड़े की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और परिवहन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं तथा दस्तावेजों की सत्यता का परीक्षण किया जा रहा है।





