सीजी भास्कर, 15 जून। रायपुर रेलवे स्टेशन पर आने जाने वाले यात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी त्वरित सुविधा देने के उद्देश्य से शुरू की गई व्यवस्था इन दिनों खुद सवालों (Health Kiosk) के घेरे में है। स्टेशन परिसर में स्थापित स्वास्थ्य जांच केंद्र लंबे समय से बंद पड़ा होने के कारण यात्रियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे कई यात्रियों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
स्टेशन पर रोजाना बड़ी संख्या में यात्री पहुंचते हैं, ऐसे में स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधा का बंद होना चिंता का विषय बन गया है। खासकर बुजुर्गों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे यात्रियों को तत्काल जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
दस दिनों से ठप है जांच सुविधा : Health Kiosk
रेलवे स्टेशन के गेट नंबर 2 पर यात्रियों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य जांच केंद्र और मेडिकल स्टोर की शुरुआत की गई थी। इस केंद्र के माध्यम से कम शुल्क में विभिन्न प्रकार की जांच उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। लेकिन पिछले लगभग दस दिनों से जांच से जुड़ी मशीन खराब होने के कारण पूरी व्यवस्था बंद पड़ी है। इसके चलते स्वास्थ्य जांच और परामर्श से जुड़ी सेवाएं प्रभावित हो गई हैं।
आठ महीने में ही सामने आई समस्या
यह सुविधा सितंबर 2025 में शुरू की गई थी। रेलवे द्वारा निर्धारित अवधि के लिए इसके संचालन की जिम्मेदारी निजी एजेंसी को सौंपी (Health Kiosk) गई थी। योजना के अनुसार यात्रियों को स्वास्थ्य जांच, दवाइयों की उपलब्धता और अन्य चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जानी थीं। हालांकि शुरुआत के कुछ महीनों बाद ही मशीन में तकनीकी खराबी आने से सेवाएं प्रभावित हो गईं और अब स्थिति यह है कि जांच सुविधा पूरी तरह ठप है।
दावों और हकीकत में अंतर
केंद्र के बाहर लगे सूचना बोर्ड में कम शुल्क पर 31 प्रकार की जांच उपलब्ध होने का उल्लेख किया गया है। इनमें रक्तचाप, शुगर, ऑक्सीजन स्तर, हीमोग्लोबिन और अन्य कई जांच शामिल बताई गई हैं। लेकिन यात्रियों को फिलहाल केवल कुछ सीमित जांच सुविधाएं ही उपलब्ध हो पा रही हैं। कई महत्वपूर्ण सेवाएं या तो बंद हैं या फिर शुरू ही नहीं हो सकी हैं।
अन्य सुविधाओं पर भी उठे सवाल
टेंडर की शर्तों के अनुसार केंद्र में प्रशिक्षित कर्मियों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जानी थी। लेकिन मौके पर कई सुविधाओं के नहीं मिलने की बात सामने आई है। यात्रियों का कहना है कि जिस उद्देश्य से यह केंद्र शुरू किया गया था, वह अभी तक पूरी तरह पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा है।
रेलवे प्रशासन करेगा जांच
केंद्र संचालक का कहना है कि मशीन को सर्विसिंग के लिए भेजा गया है और नियमित अंतराल पर इसकी देखरेख (Health Kiosk) जरूरी होती है। उन्होंने परिसर में अन्य तकनीकी और रखरखाव संबंधी समस्याओं का भी उल्लेख किया है।
वहीं रेलवे प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि टेंडर की शर्तों के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध नहीं पाई गईं तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्थिति की समीक्षा की जा रही है।





