सीजी भास्कर, 16 जून। सिलयारी क्षेत्र के बहुचर्चित नाबालिग से दुष्कर्म मामले में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए सौदेबाजी के आरोप में आठवें आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने भूषण यादव उर्फ चबन्नी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह दुष्कर्म के मामले को दबाने के लिए की गई सौदेबाजी में शामिल था। (Siliyari Rape Case Eighth Accused Arrested)
इससे पहले पुलिस इस मामले में कथित पत्रकार उस्मान सैफी, एक कांग्रेस नेता, एक भाजपा नेता, दुष्कर्म के दो मुख्य आरोपियों तथा पीड़िता के दादा सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं मामले की विवेचना में लापरवाही बरतने के आरोप में सिलयारी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक जितेंद्र दुबे को निलंबित किया गया था।
सौदेबाजी का खुलासा होने के बाद बढ़ीं गिरफ्तारियां : Siliyari Rape Case Eighth Accused Arrested
जानकारी के अनुसार, नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद इसे दबाने और समझौता कराने की कोशिश की गई थी। प्रारंभिक जांच में यह मामला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर काफी चर्चा में रहा। इसके बाद रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने मामले की विवेचना धरसींवा थाना प्रभारी राजेंद्र दीवान को सौंपते हुए चौकी प्रभारी जितेंद्र दुबे को निलंबित कर दिया था।
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मामले को दबाने के लिए बड़ी रकम की सौदेबाजी की गई थी। पुलिस के अनुसार, इस सौदेबाजी में पीड़िता के दादा, सीताराम मेडिकल स्टोर का संचालक और अन्य लोग भी शामिल थे। इसके बाद पुलिस ने एक-एक कर आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू की।
भाजपा नेता पर भी लगे गंभीर आरोप
पुलिस जांच में सामने आया है कि पीड़िता के दादा से कथित तौर पर सौदेबाजी कराने में भाजपा नेता एवं मंडल मंत्री चंद्रशेखर यदु की अहम भूमिका रही। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया में वायरल हुए वीडियो में चंद्रशेखर यदु पीड़िता के दादा को 1 लाख 30 हजार रुपये गिनकर देते हुए दिखाई दिए थे। इसी वीडियो के सामने आने के बाद मामला और अधिक तूल पकड़ गया तथा सौदेबाजी में शामिल लोगों की गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू हुआ।
चौकी प्रभारी पहले ही हो चुके हैं निलंबित : Siliyari Rape Case Eighth Accused Arrested
गौरतलब है कि मामले की जांच में लापरवाही पाए जाने पर सिलयारी चौकी प्रभारी उप निरीक्षक जितेंद्र दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस अधीक्षक कार्यालय रायपुर (ग्रामीण) संबद्ध किया गया था। साथ ही मामले की प्रारंभिक जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रही है।





