सीजी भास्कर, 17 जून। बिलासपुर में एसएसपी की सख्ती के बाद कबाड़ माफियाओं की गुंडागर्दी कम नहीं हो रही है। एक कबाड़ कारोबारी और उसके साले को कबाड़ माफियाओं ने अपनी गोदाम में बुलाकर बंधक बना लिया। इस दौरान बेरहमी से उनकी पिटाई की गई। जिसके बाद उसकी पत्नी से 2 लाख 70 हजार रुपए वसूल लिए। (Scrap Mafia Terror in Bilaspur)
बदमाशों ने उनके वाहन भी लूट लिए और परिवार वालों को जान से मारने की धमकी दी। जिस पर पुलिस ने कबाड़ दुकान संचालक फिरोज मेमन, रोहित कबाड़ी, राहुल कबाड़ी, रितिक कबाड़ी, सफीर और तौसिफ कबाड़ी सहित अन्य के खिलाफ डकैती का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला सिरगिट्टी थाना क्षेत्र का है।
गणेश नगर चुचुहियापारा निवासी सैय्यद प्रिंस बक्शी ने शिकायत दर्ज कराई कि वह सिलपहरी में कबाड़ का व्यवसाय करता है। 11 जून को दोपहर करीब 12.25 बजे राहुल कबाड़ी का फोन आया, जिसने उसे तिफरा स्थित काली मंदिर के पास अपने गोदाम में बुलाया। वह अपने साले मोहम्मद अमन के साथ वहां पहुंचा, जहां पहले से फिरोज कबाड़ी, सफीर और अन्य आरोपी मौजूद थे।
गोदाम में बंधक बनाकर की जमकर पिटाई : Scrap Mafia Terror in Bilaspur
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने उससे कबाड़ खरीदने को लेकर पूछताछ शुरू की। उसके जवाब देने पर सभी आरोपियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। उसके साथ गए साले को भी कमरे में बंद कर बंधक बनाकर रखा गया और उनकी निगरानी के लिए कुछ लोगों को तैनात कर दिया गया।
इसी दौरान फिरोज और राहुल कबाड़ी सिलपहरी स्थित उसकी दुकान पहुंच गए। वहां मौजूद कर्मचारी से पूछताछ करने के बाद दुकान और गोदाम की तलाशी ली गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने दुकान से कुछ सामान उठाया और प्रार्थी का छोटा हाथी वाहन भी जबरन अपने कब्जे में ले लिया।
घर पहुंचकर परिवार को धमकाने का आरोप
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि, आरोपियों के दो साथी उसके घर चुचुहियापारा पहुंचे और खुद को पुलिसकर्मी बताकर उसकी पत्नी और मां के सामने घर की तलाशी ली। जब कुछ नहीं मिला तो उन्होंने परिवार को कथित रूप से धमकाया। शिकायत के अनुसार पति की रिहाई के लिए परेशान पत्नी ने घर में रखे 2 लाख 70 हजार रुपए आरोपियों को दे दिए।
इसके बाद शाम करीब पांच बजे प्रार्थी और उसके साले को छोड़ा गया। सिरगिट्टी पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ धारा 115(2), 127(2), 296, 3(5), 308(2), 309(2) एवं 351(3) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।
आपसी प्रतिस्पर्धा बना विवाद का कारण : Scrap Mafia Terror in Bilaspur
माना जा रहा कि, इस पूरे मामले के पीछे आपसी प्रतिस्पर्धा है। पीड़ित भी कबाड़ का काम करता है। बड़े कबाड़ दुकान संचालक छोटे दुकानदारों पर कबाड़ बेचने के लिए दबाव बना रहे हैं। पिछले कुछ समय से पुलिस की लगातार कार्रवाईयों से कई कबाड़ियों के धंधे लगभग बंद हो चुके हैं।
जिसकी वजह से कबाड़ियों के बीच के आपसी मनमुटाव और प्रतिस्पर्धा अब विवाद में बढ़ती जा रही है। अब एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गया है।





