सीजी भास्कर, 18 जून : भारतमाला परियोजना के तहत निर्माणाधीन रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारे (Raipur Visakhapatnam Economic Corridor) का निरीक्षण करने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी जुलाई के पहले सप्ताह में छत्तीसगढ़ आ सकते हैं। प्रस्तावित दौरे को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और संबंधित एजेंसियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। यह परियोजना छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करने के साथ-साथ व्यापार, उद्योग और माल परिवहन को नई गति देने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है।
सूत्रों के अनुसार केंद्रीय मंत्री पहले हवाई सर्वेक्षण करने वाले थे, लेकिन उन्होंने परियोजना की वास्तविक स्थिति को जमीनी स्तर पर देखने की इच्छा जताई है। यदि कार्यक्रम को अंतिम स्वीकृति मिलती है तो वे रायपुर से विशाखापट्टनम तक सड़क मार्ग से यात्रा कर निर्माण कार्यों, सुरक्षा व्यवस्थाओं और प्रगति का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेंगे। इस दौरान परियोजना के विभिन्न हिस्सों का जायजा लेते हुए अधिकारियों से विस्तृत जानकारी भी लेंगे।
दौरे से पहले तेज हुई तैयारियां
केंद्रीय मंत्री के संभावित दौरे को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने मार्ग के विभिन्न हिस्सों में मरम्मत और रखरखाव कार्यों को गति दे दी है। सड़कों पर पैचवर्क, सफाई, संकेतक बोर्डों की मरम्मत, डिवाइडरों का रखरखाव और सुरक्षा संकेतकों को दुरुस्त करने का काम तेजी से किया जा रहा है। अधिकारियों का प्रयास है कि निरीक्षण के दौरान परियोजना की प्रगति और गुणवत्ता बेहतर तरीके से प्रस्तुत की जा सके।
देश के महत्वपूर्ण आर्थिक गलियारों में शामिल है परियोजना
करीब 16 हजार 482 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारा (Raipur Visakhapatnam Economic Corridor) भारतमाला परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस परियोजना का उद्देश्य मध्य भारत को पूर्वी तट के प्रमुख बंदरगाहों से जोड़ना है, जिससे औद्योगिक गतिविधियों और माल परिवहन को नई दिशा मिलेगी।
यह गलियारा विशेष रूप से खनिज, इस्पात, सीमेंट और कृषि उत्पादों के परिवहन को अधिक सुगम बनाएगा। इसके माध्यम से माल ढुलाई की लागत कम होगी और यात्रा समय में भी उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।
80 प्रतिशत कार्य पूरा, दिसंबर तक लक्ष्य
परियोजना की शुरुआत वर्ष 2020-21 में हुई थी। भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय स्वीकृतियों में हुई देरी के कारण प्रारंभिक चरण में निर्माण कार्य प्रभावित हुआ, लेकिन अब काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारे (Raipur Visakhapatnam Economic Corridor) का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
शेष कार्यों में सुरंग, बड़े पुल और जटिल संरचनात्मक निर्माण शामिल हैं। संबंधित एजेंसियों ने इस वर्ष दिसंबर तक परियोजना के शेष कार्य पूरे करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
छत्तीसगढ़ को मिलेगा बड़ा लाभ
इस परियोजना का बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ से होकर गुजरता है। इसके पूरा होने के बाद रायपुर, धमतरी, कांकेर और बस्तर क्षेत्र को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा। इससे औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारा (Raipur Visakhapatnam Economic Corridor) बस्तर सहित दक्षिण छत्तीसगढ़ के क्षेत्रों में व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति देगा। साथ ही बंदरगाहों तक बेहतर पहुंच मिलने से उद्योगों की परिवहन लागत में कमी आएगी और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा।





