सीजी भास्कर, 19 जून : मुंगेली जिले के सरगांव क्षेत्र अंतर्गत रामबोड़ स्थित कुसुम स्मेल्टर्स प्लांट (Kusum Smelters Accident) में गुरुवार सुबह एक बार फिर औद्योगिक हादसा हो गया। नियमित मेंटेनेंस कार्य के दौरान कीलन डिस्चार्ज गेट अचानक खुलने से गर्म स्पंज आयरन तेज गति से बाहर निकल आया, जिसकी चपेट में आकर तीन कर्मचारी झुलस गए। हादसे के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। प्रशासन के मुताबिक सभी की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
मेंटेनेंस के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, प्लांट में कीलन डिस्चार्ज गेट जाम हो जाने के कारण उसका मेंटेनेंस कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक गेट खुल गया और भीतर मौजूद अत्यधिक गर्म स्पंज आयरन बाहर निकल आया। मौके पर काम कर रहे कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए और झुलस गए।
तीन राज्यों के श्रमिक घायल
हादसे में घायल कर्मचारियों की पहचान बिहार के औरंगाबाद निवासी अमित कुमार, मध्यप्रदेश के होशंगाबाद निवासी योगेश मीणा तथा ओडिशा के बालेश्वर निवासी अमरेश दत्ता के रूप में हुई है। घटना के तुरंत बाद प्लांट प्रबंधन ने एम्बुलेंस के जरिए तीनों को अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से झुलसे अमित कुमार को बेहतर इलाज के लिए रायपुर के कालड़ा अस्पताल रेफर किया गया है।
प्रशासन और सुरक्षा विभाग ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग तथा जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना और उपचार व्यवस्था की समीक्षा की। प्रशासन ने बताया कि पीड़ित कर्मचारियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है तथा पूरे मामले की निगरानी की जा रही है।
दुर्घटना के कारणों की होगी जांच
जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर मेंटेनेंस प्रक्रिया के दौरान तकनीकी खामी को दुर्घटना का कारण माना जा रहा है, हालांकि जांच रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पहले भी सुर्खियों में रहा है कुसुम स्मेल्टर्स
गौरतलब है कि रामबोड़ स्थित कुसुम स्मेल्टर्स प्लांट इससे पहले भी बड़े औद्योगिक हादसे का गवाह बन चुका है। जनवरी 2025 में प्लांट परिसर में एक साइलो ढहने से कई श्रमिक मलबे में दब गए थे। उस हादसे में चार मजदूरों की मौत हुई थी और प्लांट प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगे थे। एक बार फिर हुई दुर्घटना ने प्लांट की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





