सीजी भास्कर, 08 अगस्त। रायपुर राजधानी के खम्हारडीह थाना क्षेत्र में एक इनोवा कार का इंजन कथित तौर पर बदलने का मामला सामने आया है। डेंट-पेंट और शॉकअप का काम कराने के लिए गैराज में भेजी गई कार में मूल इंजन की जगह किसी दूसरे वाहन का इंजन लगाए जाने का आरोप है। मामले की शिकायत के आधार पर पुलिस ने गैराज संचालक समेत दो लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में पेश करने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। (Raipur Garage Fraud Case)
- डेंट-पेंट और शॉकअप के लिए गैराज में दी गई थी इनोवा : Raipur Garage Fraud Case
- कार मालिक को इंजन की आवाज बदलने पर हुआ शक
- इंजन नंबर में अंतर मिलने के बाद सामने आया मामला : Raipur Garage Fraud Case
- शिकायत की बात पर कथित तौर पर दोबारा लगाया गया मूल इंजन
- पुलिस ने गैराज संचालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया : Raipur Garage Fraud Case
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डेंट-पेंट और शॉकअप के लिए गैराज में दी गई थी इनोवा : Raipur Garage Fraud Case
पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने अपनी इनोवा कार क्रमांक CG 04 DN 9099 को कचना ओवरब्रिज के नीचे स्थित एक गैराज में मरम्मत के लिए दिया था। कार में डेंट-पेंट और शॉकअप का काम कराया जाना था। काम पूरा होने के बाद 4 अगस्त को जब वाहन को स्टार्ट किया गया तो इंजन की आवाज पहले की तुलना में अलग महसूस हुई। इसके बाद कार का बोनट खोलकर इंजन की जांच की गई।
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कार मालिक को इंजन की आवाज बदलने पर हुआ शक
जांच के दौरान कार मालिक को कथित तौर पर पता चला कि वाहन में लगा मूल इंजन मौजूद नहीं है। शिकायत के अनुसार, मूल इंजन निकालकर उसकी जगह किसी दूसरे वाहन का इंजन लगाया गया था। कार के मूल इंजन का नंबर 6377545 बताया गया, जबकि लगाए गए दूसरे इंजन का नंबर 6589508 सामने आया।
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इंजन नंबर में अंतर मिलने के बाद सामने आया मामला : Raipur Garage Fraud Case
इंजन नंबर में अंतर मिलने के बाद कार मालिक ने गैराज संचालक से इस संबंध में जानकारी मांगी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पुलिस में शिकायत करने की बात कहे जाने के बाद इनोवा में दोबारा उसका मूल इंजन लगा दिया गया। जिस दूसरे वाहन से इंजन निकाले जाने की बात कही गई है, उसका नंबर CG 04 DU 3500 बताया गया है।
पूरे घटनाक्रम के बाद कार मालिक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 316 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के बाद गैराज संचालक हेमंत विश्वकर्मा और जयदीप सिंह को गिरफ्तार किया गया। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
अब पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि इनोवा का इंजन कथित तौर पर किस परिस्थिति में बदला गया और इसके पीछे क्या वजह थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि दूसरे वाहन का इंजन गैराज तक कैसे पहुंचा और उसे इनोवा में लगाने में किन लोगों की भूमिका थी।
शिकायत की बात पर कथित तौर पर दोबारा लगाया गया मूल इंजन
जांच में दोनों वाहनों के इंजन नंबर और संबंधित दस्तावेजों को भी देखा जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मूल इंजन को हटाने और बाद में उसे दोबारा वाहन में लगाने की पूरी प्रक्रिया कैसे हुई।
पुलिस ने गैराज संचालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया : Raipur Garage Fraud Case
फिलहाल दोनों आरोपी न्यायालय के आदेश पर जेल में हैं और मामले की जांच जारी है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इंजन बदलने के पीछे वास्तविक कारण क्या था और मामले में लगाए गए आरोप कितने सही हैं।
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