सीजी भास्कर, 19 जून : छत्तीसगढ़ में सुशासन को नई दिशा देने और सरकारी योजनाओं (Sughghar Chhattisgarh Campaign) का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान शुरू करने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत प्रदेश के 23 जिलों में 31 प्रमुख हितग्राहीमूलक योजनाओं का व्यापक संतृप्तिकरण किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
अब सरकार पहुंचेगी जनता के द्वार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। सरकार केवल योजनाएं बनाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं मानती, बल्कि यह सुनिश्चित करना चाहती है कि प्रत्येक पात्र नागरिक को समय पर उसका अधिकार मिले और योजनाओं का असर उसके जीवन में स्पष्ट रूप से दिखाई दे।
उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के तहत नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी। शासन स्वयं पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ेगा और लाभ उनके घर तक पहुंचाने का प्रयास करेगा।
23 जिलों में 31 योजनाओं का होगा संतृप्तिकरण
‘Sughghar Chhattisgarh Campaign’ के अंतर्गत विभिन्न विभागों की 31 प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं को एकीकृत रूप से लागू किया जाएगा। अभियान के दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पात्र लाभार्थियों का सर्वेक्षण कर उन्हें संबंधित योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गरीबी उन्मूलन, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, आजीविका और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद परिवार तक पहुंचे।
सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
राज्य सरकार का मानना है कि किसी भी योजना की सफलता केवल बजट आवंटन से नहीं, बल्कि उसके प्रभावी क्रियान्वयन से तय होती है। इसी सोच के साथ अभियान में लाभार्थियों के सत्यापन, योजनाओं की निगरानी और सेवा वितरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाएगा।
अभियान के माध्यम से शासन और जनता के बीच की दूरी कम करने के साथ-साथ सेवा वितरण प्रणाली को भी अधिक प्रभावी बनाने पर जोर रहेगा। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक पात्रों तक लाभ पहुंचाना आसान होगा।
विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह अभियान निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप सफल होता है तो यह प्रदेश में सुशासन का एक नया मॉडल स्थापित कर सकता है। इससे न केवल सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि आम लोगों का शासन व्यवस्था पर विश्वास भी मजबूत होगा।





