सीजी भास्कर, 19 जून। परिवार से दूर रह रही एक बुजुर्ग मां के जीवन में ऐसा पल आया जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक (Senior Citizen Welfare) कर दिया। रिश्तों में आई दूरियां जब संवाद और समझाइश से खत्म हुईं तो वर्षों से बिछड़ा परिवार एक बार फिर साथ नजर आया। यह कहानी केवल एक पुनर्मिलन की नहीं, बल्कि संवेदनशील पहल और पारिवारिक जिम्मेदारी की भी मिसाल बन गई।
महासमुंद जिले में सामने आए इस मामले ने दिखाया कि समय रहते की गई कोशिशें टूटते रिश्तों को भी फिर से जोड़ सकती हैं। दो साल तक परिवार से दूर रहने वाली बुजुर्ग महिला आखिरकार अपने बेटे और बहू के साथ घर लौट गईं।
परिवारिक विवाद के कारण छोड़ा था घर : Senior Citizen Welfare
70 वर्षीय लच्छनी बाई परिवार में चल रहे विवादों और तनाव से परेशान होकर घर छोड़कर चली गई थीं। उन्होंने बताया कि तीन बेटों के बीच लगातार होने वाले मतभेदों से दुखी होकर उन्होंने स्वयं घर से अलग रहने का फैसला लिया था। भटकते हुए उन्हें आशियाना वृद्धाश्रम में सहारा मिला, जहां वह पिछले दो से तीन वर्षों से रह रही थीं।
जागरूकता शिविर में सामने आई कहानी
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के करुणा एवं वरिष्ठ नागरिक अधिकार सशक्तिकरण अभियान के तहत आशियाना वृद्धाश्रम में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित (Senior Citizen Welfare) किया गया था। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद की प्रभारी सचिव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री चेतना ठाकुर ने वहां रह रहे वरिष्ठ नागरिकों से संवाद किया। बातचीत के दौरान लच्छनी बाई ने अपने जीवन की पीड़ा और परिवार से बिछड़ने की कहानी साझा की।
परिजनों को बुलाकर की गई समझाइश
मामले को गंभीरता से लेते हुए सुश्री चेतना ठाकुर ने अधिकार मित्र जितेंद्र पटेल के माध्यम से महिला के परिजनों का पता लगवाया। इसके बाद परिवार के सदस्यों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय बुलाया गया। वहां बेटों और पुत्रवधुओं को मां के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का एहसास कराया गया। उन्हें बुजुर्ग महिला की सम्मानपूर्वक देखभाल करने और परिवार में अपनापन बनाए रखने की सलाह दी गई।
समझाइश के बाद बदला फैसला
परामर्श और समझाइश का सकारात्मक असर देखने को मिला। लच्छनी बाई के बेटे और पुत्रवधु उन्हें अपने साथ घर ले जाने के लिए तैयार हो गए। करीब दो साल बाद जब मां और बेटे का आमना सामना हुआ तो दोनों की आंखें नम हो गईं। इस भावुक पल ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया।
रिश्तों को जोड़ने वाली पहल
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस पहल ने एक बिछड़े परिवार को फिर से साथ (Senior Citizen Welfare) ला दिया। यह घटना इस बात का उदाहरण बनी कि संवाद, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से पारिवारिक रिश्तों को दोबारा मजबूत किया जा सकता है। इस अवसर पर विधिक सेवा से जुड़े अधिकारी, अधिकार मित्र, वृद्धाश्रम के प्रतिनिधि और अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।





