सीजी भास्कर, 27 जून : राजधानी रायपुर में पेयजल संकट (Raipur Water Crisis) के चलते नगर निगम ने विकास कार्यों की प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव किया है। शहर के 70 वार्डों में सड़क, नाली, उद्यान, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए नगरीय प्रशासन विभाग से 30 से 35 लाख रुपये तक की राशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन भीषण गर्मी और बढ़ते जल संकट को देखते हुए इस राशि का बड़ा हिस्सा पाइपलाइन विस्तार, इंटर-कनेक्शन और जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने में खर्च किया जा रहा है। इसके चलते कई वार्डों में प्रस्तावित विकास कार्य फिलहाल अधूरे रह गए हैं।
जलापूर्ति व्यवस्था को दी गई पहली प्राथमिकता
पेयजल संकट (Raipur Water Crisis) को देखते हुए नगर निगम ने नवंबर 2025 में स्वीकृत विकास योजनाओं में बदलाव किया। उस समय पार्षदों ने सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, उद्यान, सामुदायिक भवन और अन्य विकास कार्यों के प्रस्ताव भेजे थे, लेकिन गर्मी बढ़ने के साथ शहर में जल संकट गहराने पर उपलब्ध बजट का बड़ा हिस्सा पाइपलाइन विस्तार और पेयजल व्यवस्था सुधार के लिए निर्धारित कर दिया गया।
कई वार्डों में पाइपलाइन विस्तार पर खर्च
नगर निगम के अनुसार पेयजल संकट (Raipur Water Crisis) से राहत देने के लिए विभिन्न वार्डों में बड़ी राशि जलापूर्ति व्यवस्था पर खर्च की जा रही है। डॉ. खूबचंद बघेल वार्ड में 23 लाख रुपये की स्वीकृत राशि में से 19 लाख रुपये पाइपलाइन विस्तार के लिए निर्धारित किए गए हैं। भक्तमाता कर्मा वार्ड में 35 लाख रुपये में से 32 लाख रुपये जलापूर्ति सुधार पर खर्च किए जा रहे हैं। वहीं लाल बहादुर शास्त्री वार्ड में 35 लाख रुपये में से 5 लाख रुपये तथा जवाहर लाल नेहरू वार्ड में 35 लाख रुपये में से 14 लाख रुपये पाइपलाइन विस्तार और जल वितरण व्यवस्था सुधार के लिए आवंटित किए गए हैं।
विकास योजनाएं फिलहाल प्रभावित
नगर निगम का मानना है कि पेयजल संकट (Raipur Water Crisis) से राहत दिलाना वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत है। यही कारण है कि कई वार्डों में सड़क, नाली, उद्यान, स्ट्रीट लाइट और अन्य विकास कार्यों को फिलहाल टालकर जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि गर्मी के दौरान नागरिकों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिक आवश्यकता थी, इसलिए विकास निधि का उपयोग उसी दिशा में किया गया। अधिकारियों को उम्मीद है कि पाइपलाइन विस्तार और जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार के बाद आने वाले समय में शेष विकास कार्यों को भी तेजी से पूरा किया जाएगा।



