सीजी भास्कर, 07 जून। नई दिल्ली। OpenAI ने अपने लोकप्रिय AI चैटबॉट ChatGPT के लिए एक नया सुरक्षा फीचर “Lockdown Mode” पेश किया है। यह फीचर खास तौर पर उन व्यक्तियों, कंपनियों और संस्थानों के लिए तैयार किया गया है जो संवेदनशील और गोपनीय जानकारी के साथ काम करते हैं तथा डेटा चोरी के जोखिम को कम करना चाहते हैं। (ChatGPT’s new Lockdown Mode launched)
कंपनी के अनुसार, Lockdown Mode का उद्देश्य AI सिस्टम्स को प्रॉम्प्ट इंजेक्शन जैसे साइबर हमलों से बेहतर सुरक्षा प्रदान करना है। वर्तमान समय में प्रॉम्प्ट इंजेक्शन AI प्लेटफॉर्म्स के लिए तेजी से बढ़ता हुआ खतरा बन चुका है। इसमें हमलावर वेबसाइट, ईमेल, दस्तावेज या अन्य डिजिटल कंटेंट में छिपे निर्देशों के जरिए AI मॉडल को भ्रमित करने की कोशिश करते हैं, जिससे संवेदनशील जानकारी लीक होने का खतरा बढ़ जाता है।
क्या है Lockdown Mode? : ChatGPT’s new Lockdown Mode launched
OpenAI के मुताबिक, Lockdown Mode संवेदनशील डेटा को गलत हाथों में जाने से रोकने के लिए विकसित किया गया है। यह फीचर प्रॉम्प्ट इंजेक्शन हमलों को पूरी तरह समाप्त नहीं करता, लेकिन डेटा एक्सफिल्ट्रेशन यानी डेटा चोरी के अंतिम चरण को काफी हद तक सीमित कर देता है। इससे साइबर हमलावरों तक महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचने की संभावना कम हो जाती है।
Lockdown Mode ऑन होने पर क्या बदलेगा?
Lockdown Mode सक्रिय होने के बाद ChatGPT के कई लोकप्रिय फीचर्स सीमित या पूरी तरह बंद हो जाएंगे। लाइव वेब ब्राउजिंग केवल कैश्ड कंटेंट तक सीमित रहेगी, जिससे उपयोगकर्ताओं को हर समय ताजा जानकारी नहीं मिल सकेगी।
इसके अलावा Deep Research और Agent Mode जैसे एडवांस फीचर्स पूरी तरह निष्क्रिय हो जाएंगे। Canvas में तैयार किया गया कोड इंटरनेट एक्सेस नहीं कर पाएगा और बाहरी फाइल डाउनलोड की सुविधा भी बंद हो जाएगी। फाइनेंस और शॉपिंग से जुड़े इंटीग्रेटेड एजेंट अनुभव भी उपलब्ध नहीं रहेंगे।
इतना ही नहीं, सामान्य जवाबों में इमेज दिखाने और इमेज जनरेशन जैसी सुविधाओं को भी बंद कर दिया जाएगा। हालांकि Memory, File Upload, Chat Sharing और Model Training से जुड़ी सेटिंग्स पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती : ChatGPT’s new Lockdown Mode launched
OpenAI का मानना है कि Lockdown Mode उन उपयोगकर्ताओं के लिए उपयोगी साबित होगा जिन्हें अपने डेटा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखनी होती है। यह फीचर AI के बढ़ते उपयोग के बीच साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



