सीजी भास्कर, 19 जून। मध्य पूर्व में शांति की उम्मीदों को एक बार फिर बड़ा झटका (Israel Lebanon War) लगा है। अमेरिका और ईरान के बीच हालिया समझौते के बावजूद इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष फिर भड़क उठा है। दक्षिणी लेबनान में रातभर चली हिंसक झड़पों और हवाई हमलों ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि संभावित कूटनीतिक वार्ताओं पर भी असर पड़ने लगा है। दोनों पक्षों के बीच बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने सीजफायर को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं।
लेबनान में इजरायली हमलों से 18 लोगों की मौत : Israel Lebanon War
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार दक्षिणी इलाकों में हुए इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि 33 से अधिक लोग घायल हुए हैं। कई इलाकों में राहत और बचाव कार्य भी प्रभावित हुए हैं। सबसे अधिक नुकसान टायर शहर के पास स्थित हारौफ गांव में बताया जा रहा है, जहां कई मकान मलबे में तब्दील हो गए। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि कुछ लोग अब भी मलबे में दबे हो सकते हैं।
हिज्बुल्लाह के हमले में इजरायल को नुकसान
दूसरी ओर हिज्बुल्लाह ने भी इजरायली सेना पर बड़ा हमला किया। रिपोर्ट्स के अनुसार इस संघर्ष में इजरायल के चार सैनिक मारे गए, जिनमें एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी शामिल है। कई अन्य सैनिक घायल हुए हैं। हिज्बुल्लाह का दावा है कि उसने गाइडेड मिसाइलों और रॉकेट हमलों के जरिए इजरायली सैन्य ठिकानों और टैंकों को निशाना बनाया।
सीजफायर समझौते पर मंडराया खतरा
हालिया संघर्ष ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच क्षेत्रीय तनाव कम करने को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ था। इस समझौते का उद्देश्य विभिन्न मोर्चों पर सैन्य गतिविधियों को सीमित करना था। लेकिन लेबनान में फिर तेज हुई लड़ाई ने इस पहल को मुश्किल में डाल दिया है। कूटनीतिक सूत्रों के मुताबिक क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के प्रयासों को बड़ा झटका लग सकता है।
अमेरिका और ईरान की वार्ता पर असर
संघर्ष बढ़ने के बाद संभावित अंतरराष्ट्रीय बैठकों और वार्ताओं पर भी असर दिखाई देने (Israel Lebanon War) लगा है। कई प्रस्तावित कूटनीतिक कार्यक्रमों में बदलाव किए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लेबनान में हिंसा इसी तरह जारी रही तो क्षेत्र में शांति स्थापित करने की कोशिशें और कठिन हो सकती हैं।
दक्षिणी लेबनान बना संघर्ष का केंद्र
दक्षिणी लेबनान का इलाका इस समय संघर्ष का मुख्य केंद्र बना हुआ है। यहां लगातार हवाई हमले, रॉकेट हमले और जमीनी कार्रवाई की खबरें सामने आ रही हैं। स्थानीय नागरिकों का बड़े पैमाने पर सुरक्षित क्षेत्रों की ओर पलायन भी जारी है। कई गांवों में लोगों ने अपने घर छोड़ दिए हैं और मानवीय संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है।
बढ़ रही है वैश्विक चिंता
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी चिंतित (Israel Lebanon War) है। कई देशों ने संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। हालांकि मौजूदा हालात को देखते हुए क्षेत्र में शांति की राह फिलहाल मुश्किल नजर आ रही है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की रणनीति पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।





