सीजी भास्कर, 21 जून : मुंगेली जिले के सरगांव तहसील अंतर्गत ग्राम रामबोड़ स्थित वासुदेव ट्रेड प्लांट में हुए दर्दनाक हादसे (Mungeli Plant Accident) के बाद शनिवार को क्षेत्र में भारी आक्रोश देखने को मिला। प्लांट परिसर में ट्रक की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। कई घंटों तक चले विरोध प्रदर्शन और प्रशासनिक समझाइश के बाद मामला शांत हुआ। अंततः पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने पर सहमति बनी, जिसके बाद जाम समाप्त कराया गया।
ट्रक की चपेट में आने से गई युवक की जान
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम करही निवासी धर्मेंद्र यादव वासुदेव ट्रेड प्लांट परिसर में कार्य के दौरान ट्रक की चपेट में आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही परिवार और गांव के लोगों में शोक के साथ आक्रोश भी फैल गया।
मृतक के परिजनों का आरोप था कि प्लांट परिसर में सुरक्षा मानकों का समुचित पालन नहीं किया जा रहा था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण प्लांट और बाद में हाईवे पर जुट गए।
शव रखकर किया चक्काजाम, थम गई वाहनों की रफ्तार
हादसे के बाद परिजन और ग्रामीण मृतक का शव लेकर रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पहुंचे और सड़क पर शव रखकर चक्काजाम शुरू कर दिया। आंदोलन के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बढ़ती भीड़ और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे।
कांग्रेस नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया समर्थन
विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता आशुतोष पांडे, दिलीप कौशिक सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार की मांगों का समर्थन करते हुए प्लांट प्रबंधन की जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा, कई दौर की हुई चर्चा
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर प्रशासन सक्रिय हुआ। एसडीएम के मार्गदर्शन में सरगांव तहसीलदार अतुल वैष्णव सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों, ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों तथा प्लांट प्रबंधन के साथ लगातार चर्चा की।
कई दौर की वार्ता के बाद प्लांट प्रबंधन और प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने पर सहमति बनी। इसके बाद परिजन आंदोलन समाप्त करने के लिए तैयार हुए और हाईवे पर यातायात बहाल किया गया।
हादसे की जांच शुरू, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों, सुरक्षा प्रोटोकॉल और प्लांट में कार्यस्थल सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।





