सीजी भास्कर, 21 जून : बीजापुर जिले के भैरमगढ़ क्षेत्र में कृषि और जल प्रबंधन को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। जल संसाधन विभाग द्वारा संचालित भैरमगढ़ जलाशय (Bhairamgarh Reservoir Renovation) के जीर्णोद्धार और नहर मरम्मत कार्य में तेजी लाई गई है। लगभग 2 करोड़ 67 लाख 88 हजार रुपये की लागत से संचालित इस परियोजना का 69 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र के किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा मिलने के साथ कृषि उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।
जल संसाधन विभाग के अनुसार कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। इससे भैरमगढ़ क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और किसानों की खेती अधिक लाभकारी बन सकेगी।
भैरमगढ़ जलाशय जीर्णोद्धार परियोजना के तहत जलाशय संरचना और नहर नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है। 2.67 करोड़ रुपये की इस परियोजना का 69 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। योजना से सिंचाई क्षमता बढ़ेगी और किसानों को पूरे मौसम में पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा।
सिंचाई तंत्र को मिल रही नई मजबूती
जल संसाधन संभाग बीजापुर के अंतर्गत इस परियोजना की शुरुआत 17 दिसंबर 2025 को की गई थी। जलाशय और नहरों की मरम्मत के साथ-साथ संरचनात्मक सुधार भी किए जा रहे हैं ताकि पानी का वितरण अधिक प्रभावी ढंग से हो सके।
परियोजना पूरी होने के बाद किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा, जिससे खेती की लागत कम होगी और उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलेगी। इससे क्षेत्र में फसल विविधीकरण और उन्नत खेती को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
परियोजना के पूरा होने पर 134 हेक्टेयर कृषि भूमि को बेहतर सिंचाई सुविधा (Irrigation Facility) उपलब्ध होगी। इससे खरीफ और रबी दोनों मौसमों में किसानों को लाभ मिलेगा तथा कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
93 किसानों की बदलेगी तस्वीर
भैरमगढ़ क्षेत्र के लगभग 93 किसान इस योजना से सीधे लाभान्वित होंगे। बेहतर सिंचाई व्यवस्था मिलने से किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और उनकी आय में सुधार होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार कृषि विकास का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। जलाशय और नहरों के सुदृढ़ीकरण से किसानों को समय पर पानी उपलब्ध होगा, जिससे खेती की अनिश्चितता कम होगी और कृषि कार्य अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सकेंगे।
जलाशय के जीर्णोद्धार से जल संरक्षण (Water Conservation) को भी बढ़ावा मिलेगा। वर्षा जल का बेहतर संचयन, भू-जल स्तर में सुधार और ग्रामीणों को निस्तारी सुविधाओं की उपलब्धता इस परियोजना के प्रमुख लाभों में शामिल हैं।
जल संरक्षण और विकास को मिलेगी नई दिशा
विशेषज्ञों के अनुसार जलाशयों का संरक्षण केवल सिंचाई तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह पर्यावरणीय संतुलन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाता है। भैरमगढ़ जलाशय के पुनर्विकास से वर्षा जल का बेहतर उपयोग संभव होगा और जल संसाधनों का दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
राज्य शासन की यह परियोजना क्षेत्र में कृषि विकास, जल प्रबंधन और ग्रामीण समृद्धि को नई गति देने वाली पहल मानी जा रही है। परियोजना पूर्ण होने के बाद इसका लाभ आने वाले वर्षों तक किसानों और ग्रामीण समुदाय को मिलता रहेगा।





