सीजी भास्कर, 24 जून।पुणे के लोहागढ़ किले में युवा कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस जांच के बाद चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। शुरुआती जांच में इसे हादसा माना जा रहा था, लेकिन अब पुलिस ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए मृतक की मंगेतर और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय ने पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। (Ketan Agrawal Murder Case)
डिजिटल सबूतों ने खोली साजिश की परतें : Ketan Agrawal Murder Case
पुलिस के अनुसार जांच के दौरान मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और अन्य डिजिटल सबूतों ने मामले की दिशा बदल दी। जांच में पता चला कि आरोपित महिला और उसके कथित प्रेमी के बीच पिछले छह महीनों में हजारों बार बातचीत हुई थी। घटना वाले दिन संदिग्ध गतिविधियों और मोबाइल लोकेशन से जुड़े तथ्यों ने पुलिस का संदेह और मजबूत कर दिया। इसके बाद दोनों से पूछताछ की गई, जिसमें कई अहम जानकारियां सामने आईं।
परिवार के संदेह से शुरू हुई जांच
मृतक के परिवार ने शुरुआत से ही घटना को लेकर संदेह जताया था। अंतिम संस्कार के कुछ दिनों बाद जब मंगेतर परिवार से मिलने पहुंची, तब घटना के संबंध में दिए गए उसके बयान में कथित विरोधाभास पाए गए। परिजनों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद मामले की गहन जांच शुरू हुई। परिवार का कहना है कि घटना के बाद उसका व्यवहार भी सामान्य नहीं था, जिससे शक और गहरा गया।
हादसे की कहानी से हत्या तक का सफर : Ketan Agrawal Murder Case
18 जून को केतन अग्रवाल ट्रैकिंग के लिए लोहागढ़ किले गए थे, जहां वह गहरी खाई में गिर गए थे। प्रारंभ में इसे दुर्घटना माना गया था, लेकिन पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों ने इसे कथित हत्या का मामला बना दिया। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ते हुए आरोपियों की भूमिका और साजिश के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।





