सीजी भास्कर, 25 जून। दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी और सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आई है। एसडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में 100 से अधिक कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा व्यवस्था नाकाफी पाई गई। जांच के बाद कई संस्थानों को नोटिस जारी किया गया है, जबकि नियमों का पालन नहीं करने वाले केंद्रों पर सीलिंग की कार्रवाई भी हो सकती है। (Fire Safety Violations Exposed)
जांच में मिलीं गंभीर खामियां : Fire Safety Violations Exposed
निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि अधिकांश कोचिंग संस्थानों में न तो इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था है और न ही पर्याप्त अग्निशमन उपकरण मौजूद हैं। कई भवनों में केवल एक संकरा प्रवेश और निकास मार्ग है, जिससे किसी आपात स्थिति में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना मुश्किल हो सकता है।
न्यू सिविक सेंटर क्षेत्र में संचालित कई कोचिंग सेंटर छोटी इमारतों में चल रहे हैं, जहां विद्यार्थियों की संख्या अधिक है लेकिन सुरक्षा प्रबंध बेहद सीमित हैं। कई स्थानों पर फायर एक्सटिंग्विशर या तो एक्सपायर मिले या उनका रखरखाव सही तरीके से नहीं किया गया था।
इमरजेंसी में बचाव के सीमित विकल्प
अधिकारियों के अनुसार कई इमारतों की सीढ़ियां इतनी संकरी हैं कि एक समय में केवल एक व्यक्ति ही आ-जा सकता है। ऐसे में आग या अन्य दुर्घटना की स्थिति में भगदड़ और जान-माल के नुकसान का खतरा बढ़ सकता है।
जांच में यह भी सामने आया कि अधिकांश संस्थानों में वैकल्पिक निकासी मार्ग उपलब्ध नहीं है। सुरक्षा मानकों की इस अनदेखी को छात्रों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना जा रहा है।
24 घंटे का समय, सीलिंग की चेतावनी : Fire Safety Violations Exposed
निरीक्षण के दौरान कई कोचिंग संचालकों को मौके पर ही नोटिस जारी किए गए। प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर करने के लिए 24 घंटे का समय दिया है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा में आवश्यक सुधार नहीं किए जाने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन द्वारा ऐसे कोचिंग सेंटरों की सूची तैयार की जा रही है, जहां सुरक्षा नियमों का सबसे अधिक उल्लंघन पाया गया है। इन संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई भी की जा सकती है।



