सीजी भास्कर, 25 जून। रायपुर ग्रामीण के खरोरा क्षेत्र में धर्मांतरण के आरोपों को लेकर दर्ज मामले ने नया मोड़ ले लिया (Conversion Case) है। पुलिस की कार्रवाई के बाद इलाके में माहौल गरमा गया। दो पास्टरों की गिरफ्तारी के विरोध में बड़ी संख्या में ईसाई समाज के लोग खरोरा थाने पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया।
एक ओर ग्रामीणों ने धर्मांतरण और धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। मामले को लेकर पुलिस सतर्क है और कानून व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है।
ग्रामीणों की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला Conversion Case
जानकारी के अनुसार ग्राम मांठ निवासी हेमंत मरावी, अरुण कुमार उइके और राकेश कुमार उइके ने खरोरा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि रायपुर निवासी सुशांत ज्ञानिक और उसके सहयोगी पीयूष पटेल पिछले कुछ समय से गांव के आदिवासी मोहल्ले में पहुंचकर लोगों को हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे।
शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि इस दौरान हिंदू देवी देवताओं और धार्मिक मान्यताओं के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती थीं, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई थी।
विरोध के बाद भी जारी रहीं गतिविधियां
ग्रामीणों के अनुसार आरोपितों को कई बार समझाइश दी गई और गांव में इस प्रकार की गतिविधियां बंद करने के लिए कहा गया। इसके बावजूद प्रार्थना सभाओं और धर्म प्रचार का सिलसिला जारी रहा। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि लोगों पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जाता था और उन्हें नियमित रूप से प्रार्थना सभाओं में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जाता था।
प्रार्थना सभा के दौरान हुआ विवाद
शिकायत के अनुसार 24 जून की शाम करीब 7 बजे दोनों आरोपित फिर से ग्राम मांठ (Conversion Case) पहुंचे। यहां आदिवासी मोहल्ले में लोगों को एकत्र कर प्रार्थना करने और ईसाई धर्म स्वीकार करने की बात कही गई। ग्रामीणों के विरोध के बाद विवाद की स्थिति बन गई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
गिरफ्तारी के बाद थाने के बाहर प्रदर्शन
पुलिस ने शिकायत के आधार पर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के विरोध में ईसाई समाज के लोग बड़ी संख्या में खरोरा थाने पहुंचे और कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।



