सीजी भास्कर, 26 जून। ऑनलाइन निवेश और टास्क के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक बड़े साइबर नेटवर्क का दंतेवाड़ा पुलिस ने खुलासा (Cyber Fraud) किया है। जांच में सामने आया कि बैंक खातों को किराए पर लेकर ठगी की रकम इधर से उधर भेजी जाती थी। अंतरराज्यीय कार्रवाई के बाद पुलिस ने केरल से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
लंबे समय से चल रही जांच में तकनीकी साक्ष्यों और बैंक लेनदेन की पड़ताल के जरिए पुलिस इस नेटवर्क तक पहुंची। आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर अन्य लोगों की तलाश भी जारी है।
61 लाख रुपये की ठगी का मामला Cyber Fraud
मामला गीदम थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता भूपेंद्र तेलामी ने पुलिस को बताया था कि ऑनलाइन टास्क और निवेश के नाम पर उससे अलग अलग बैंक खातों में करीब 61 लाख 6 हजार रुपये जमा कराए गए और उसके साथ साइबर ठगी की गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
केरल से तीन आरोपी गिरफ्तार
तकनीकी जांच, बैंक खातों के विश्लेषण और विभिन्न एजेंसियों के सहयोग से पुलिस ने केरल के कोझिकोड से मोहम्मद नीजाज आर एम, अभिनव श्रीनिवास और मोहम्मद साहिल को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार इस मामले में इससे पहले महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली और केरल से भी कई आरोपियों को पकड़ा जा चुका है।
बैंक खाते किराए पर देकर करते थे लेनदेन
पूछताछ में मोहम्मद नीजाज ने बताया कि उसके नाम पर सात से आठ बैंक खाते संचालित किए जा रहे थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम जमा करने, ट्रांसफर करने और नकद निकासी के लिए किया जाता था।
वहीं अभिनव श्रीनिवास ने स्वीकार किया कि वह अन्य लोगों के नाम से बैंक खाते खुलवाकर उनमें ठगी की रकम मंगवाता था और कमीशन लेकर पैसे दूसरे खातों तथा क्रिप्टोकरेंसी के जरिए आगे भेजता (Cyber Fraud) था। मोहम्मद साहिल ने भी अपने खाते का उपयोग ठगी की रकम के लेनदेन में होने की बात स्वीकार की।
फरार होने के बाद फिर पकड़ा गया आरोपी
पुलिस ने बताया कि छत्तीसगढ़ लाते समय 20 जून को एक आरोपी केरल के मलाबार क्षेत्र स्थित एक लॉज से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। स्थानीय पुलिस की मदद से अगले ही दिन उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि साइबर अपराधियों के पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए तकनीकी जांच और अंतरराज्यीय कार्रवाई लगातार जारी है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन निवेश, पार्ट टाइम जॉब, टास्क आधारित कमाई या किसी भी अनजान लिंक के झांसे (Cyber Fraud) में न आएं। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।



