सीजी भास्कर, 28 जून। अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक जांच में कंट्रोल रूम प्रभारी समेत करीब 40 सुरक्षाकर्मियों, पुलिस और पीएसी जवानों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। जांच रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही और निगरानी तंत्र की कई खामियों का उल्लेख किया गया है। सभी संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की अलग-अलग जांच की जा रही है। (Ram Mandir Donation Theft Case)
जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, जिन लोगों की चोरी में प्रत्यक्ष संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जिन अधिकारियों और कर्मचारियों पर ड्यूटी में लापरवाही के आरोप साबित होंगे, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
एसआईटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि हाई-सिक्योरिटी क्षेत्र होने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था कई स्तरों पर विफल रही। चढ़ावे की गणना कक्ष और उसके आसपास तैनात सुरक्षा कर्मियों की जिम्मेदारियों के बावजूद निगरानी में कमी का फायदा उठाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया।
मामले (Ram Mandir Donation Theft Case)में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों की भूमिका की जांच भी जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि प्रशासनिक स्तर पर किसी प्रकार की चूक या लापरवाही हुई थी या नहीं। अंतिम रिपोर्ट के बाद इस संबंध में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
घटना के बाद एसआईटी ने मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की सिफारिश की है। रिपोर्ट में मौजूदा सुरक्षा तंत्र की समीक्षा, संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण, निगरानी प्रणाली को हाईटेक बनाने और नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू करने का सुझाव दिया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।



