सीजी भास्कर, 03 जुलाई : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में वर्ष 2025 में हुई तमनार हिंसा (Tamnar Violence) के मुख्य आरोपी और कथित मास्टरमाइंड राजेश मरकाम को पुलिस ने छह महीने बाद गिरफ्तार कर लिया है। कसडोल निवासी 39 वर्षीय राजेश मरकाम पर आंदोलनकारियों को भड़काकर पुलिस और प्रशासन पर हमला कराने, सरकारी वाहनों में आगजनी, तोड़फोड़ और महिला थाना प्रभारी पर हमले की साजिश रचने का आरोप है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को तमनार और पूंजीपथरा पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार घटना के बाद से आरोपी लगातार फरार था और उसकी तलाश की जा रही थी। गुरुवार को सूचना मिली कि राजेश मरकाम ग्राम बरपाली आया हुआ है। सूचना मिलते ही तमनार और पूंजीपथरा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने हिंसक घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली।
जनसुनवाई के विरोध से शुरू हुआ था विवाद
पूरा मामला दिसंबर 2025 में धौराभाठा में आयोजित जनसुनवाई के विरोध से जुड़ा है। जेपीएल कोयला खदान सेक्टर-1 कोल ब्लॉक से प्रभावित 14 गांवों के ग्रामीण 12 दिसंबर से आंदोलन पर बैठे थे। 27 दिसंबर की सुबह लिबरा चौक पर सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। प्रशासन और पुलिस ने लोगों को समझाकर सड़क खाली कराई, लेकिन कुछ ही देर बाद भीड़ की संख्या बढ़कर करीब एक हजार हो गई और हालात बेकाबू हो गए।
महिला TI पर हमला, पुलिस पर बरसाए पत्थर
दोपहर करीब ढाई बजे उग्र भीड़ ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए और पुलिस बल पर पत्थर व डंडों से हमला कर दिया। तमनार थाना प्रभारी कमला पुषाम पर महिलाओं ने लात-घूंसों से हमला किया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी और महिला आरक्षक घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
सरकारी वाहनों और प्लांट में की गई आगजनी
हिंसा के दौरान भीड़ ने पुलिस बस, जीप और एम्बुलेंस सहित कई सरकारी वाहनों में आग लगा दी। इसके बाद आंदोलनकारी जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट में घुस गए, जहां कन्वेयर बेल्ट, दो ट्रैक्टर और अन्य वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। प्लांट कार्यालय में भी जमकर तोड़फोड़ की गई।
अधिकारियों की मौजूदगी में भी नहीं थमा उपद्रव
हालात संभालने के लिए रायगढ़ कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और लैलूंगा विधायक विद्यावती सिदार मौके पर पहुंचे, लेकिन भीड़ और उग्र हो गई। अधिकारियों की मौजूदगी में भी पथराव और आगजनी जारी रही, जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर स्थिति पर नियंत्रण पाया गया।
अब तक 22 आरोपी जा चुके हैं जेल
घटना के बाद अलग-अलग शिकायतों के आधार पर तमनार थाने में कुल 16 एफआईआर दर्ज की गई थीं। पुलिस अब तक इस मामले में 22 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है।
लोगों को भड़काने की भूमिका आई सामने
पुलिस जांच में सामने आया कि राजेश मरकाम ने आंदोलनकारियों को उकसाने और हिंसा के लिए दुष्प्रेरित करने में अहम भूमिका निभाई थी। इसी आधार पर मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 49 भी जोड़ी गई है।
SSP ने बताई आरोपी की भूमिका
रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि आरोपी राजेश मरकाम हिंसा की पूरी साजिश में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। उसने आंदोलनकारियों को भड़काया, सरकारी अधिकारियों और पुलिस पर हमला कराया, वॉकी-टॉकी और मोबाइल लूटने, सरकारी संपत्ति में आगजनी और तोड़फोड़ जैसी घटनाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



