सीजी भास्कर, 04 जुलाई। ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि समारोह के दौरान राजधानी तेहरान में भावुक माहौल देखने को मिला। राजकीय समारोह में ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची की आंखें नम हो गईं। दोनों नेताओं ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया। (Iran Supreme Leader Funeral)
ईरान में खामेनेई के सम्मान में कई दिनों तक चलने वाले शोक समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशासन ने समारोह के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। तेहरान प्रशासन के अनुसार पूरे आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
अंतिम संस्कार समारोह में दुनिया के कई देशों के शीर्ष नेताओं और प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया। भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने श्रद्धांजलि अर्पित की। भारत स्थित ईरानी दूतावास ने भी कई भारतीय सार्वजनिक हस्तियों द्वारा श्रद्धांजलि दिए जाने की जानकारी साझा की।
रूस की ओर से सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव अंतिम संस्कार समारोह (Iran Supreme Leader Funeral) में शामिल हुए। इसके अलावा ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ, न्यायपालिका प्रमुख ग़ोलम-हुसैन मोहसेनी एजेई सहित देश के कई वरिष्ठ नेता समारोह में मौजूद रहे।
विदेशी प्रतिनिधियों में ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर, आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान, तुर्कमेनिस्तान के वरिष्ठ नेता गुरबांगुली बर्दिमुहामेदोव तथा इराक, अजरबैजान, बांग्लादेश, बेलारूस, किर्गिस्तान और अन्य देशों के संसद अध्यक्ष एवं मंत्री भी शामिल हुए।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि समारोह में कम से कम आठ देशों के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री, 12 देशों के संसद अध्यक्ष तथा करीब 100 देशों के प्रतिनिधि, प्रमुख हस्तियां और नागरिक समूह शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन यूरोपीय देशों ने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाई का समर्थन किया था, उन्हें इस समारोह (Iran Supreme Leader Funeral) में आमंत्रित नहीं किया गया।
अधिकारियों के अनुसार अंतिम संस्कार कार्यक्रम कई दिनों तक जारी रहेगा। तेहरान की ग्रैंड मोसल्ला में अंतिम दर्शन के बाद पार्थिव शरीर को विभिन्न धार्मिक स्थलों पर ले जाया जाएगा और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मशहद में अंतिम संस्कार किया जाएगा। आयोजकों का अनुमान है कि श्रद्धांजलि कार्यक्रम में करोड़ों लोग शामिल हो सकते हैं।



