सीजी भास्कर, 04 जुलाई। बालोद जिले के आदिवासी विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत बोरगांव में जिला खनिज न्यास (DMF) मद से कराए जा रहे निर्माण कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। हाई स्कूल में साइकिल स्टैंड शेड और कांक्रीटीकरण कार्य के लिए वर्ष 2025 में 13 लाख 86 हजार रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन आरोप है कि निर्माण कार्य अधूरा होने के बावजूद कागजों में इसे पूर्ण दर्शा दिया गया। (Balod DMF Irregularities)
जानकारी के अनुसार, निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत बोरगांव को बनाया गया था, लेकिन पंचायत की बजाय एक निजी ठेकेदार ने निर्माण कार्य अपने स्तर पर शुरू किया। आरोप है कि ठेकेदार ने स्कूल की पुरानी बाउंड्री वॉल पर कुछ ईंटें जोड़कर उसी पर साइकिल स्टैंड शेड खड़ा कर दिया। साथ ही सामने की ओर निम्न गुणवत्ता के कॉलम तैयार किए गए और परिसर में आंशिक सीसी रोड बनाकर पूरे कार्य को पूर्ण दिखा दिया गया। निर्माण स्थल पर लगे बोर्ड में कार्य पूर्ण होने की तिथि भी दर्ज कर दी गई है, जबकि मौके पर अब भी करीब आधा कार्य अधूरा बताया जा रहा है।
ग्राम पंचायत की सरपंच देवकी बाई कोठपरिया ने आरोप (Balod DMF Irregularities)लगाया कि उन्होंने पुरानी दीवार पर निर्माण का विरोध किया था, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। उनका कहना है कि पंचायत के खाते में राशि आने के बाद ठेकेदार ने भुगतान लेकर काम अधूरा छोड़ दिया। चूंकि निर्माण एजेंसी पंचायत है, इसलिए भविष्य में किसी भी जांच की जिम्मेदारी पंचायत पर ही आएगी।
स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि आदिवासी विकासखंड की कई पंचायतों में DMF के कार्यों में ठेकेदारों का हस्तक्षेप बढ़ गया है। आरोप है कि पंचायतों के नाम पर स्वीकृत कार्य ठेकेदार अपने स्तर पर कराते हैं और कई मामलों में अधूरे या निम्न गुणवत्ता के निर्माण के बावजूद पूरी राशि का भुगतान करा लिया जाता है।
मामले में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डी.डी. मांडले ने कहा कि यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता संबंधी अनियमितता (Balod DMF Irregularities) पाई जाती है तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे मूल्यांकन और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।



