CG BhaskarCG BhaskarCG Bhaskar
Font ResizerAa
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Font ResizerAa
CG BhaskarCG Bhaskar
Search
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Follow US
Home » Land Acquisition Scam : अधिग्रहित जमीन में हेरफेर, 18 साल बाद तत्कालीन पटवारी निलंबित

Land Acquisition Scam : अधिग्रहित जमीन में हेरफेर, 18 साल बाद तत्कालीन पटवारी निलंबित

By Newsdesk Admin
04/07/2026
Share
Land Acquisition Scam
Land Acquisition Scam

सीजी भास्कर, 04 जुलाई :  राष्ट्रीय राजमार्ग-53 (NH-53) चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेरफेर के 18 वर्ष पुराने मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। अधिग्रहित जमीन हेरफेर (Land Acquisition Scam) मामले में कलेक्टर जितेंद्र यादव ने तत्कालीन हल्का पटवारी विनोद कुमार मेश्राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही गलत तरीके से अतिरिक्त मुआवजा और लाभ लेने वाले भू-स्वामी से राशि की रिकवरी भी की जाएगी।

Contents
  • राजस्व रिकॉर्ड में बढ़ाया गया जमीन का रकबा
  • अधिग्रहण के बाद भी बची जमीन दिखाकर किया विक्रय
  • 18 वर्षों में कई बार बदला मालिकाना हक
  • पटवारी निलंबित, विभागीय जांच शुरू
  • भारतमाला परियोजना में भी सामने आ चुकी हैं गड़बड़ियां
  • Land Acquisition Scam: 18 साल बाद प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

राजस्व रिकॉर्ड में बढ़ाया गया जमीन का रकबा

जांच रिपोर्ट के अनुसार मामला राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम पेंड्री स्थित खसरा क्रमांक-368 का है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की जांच में सामने आया कि वर्ष 2008-09 में भू-अर्जन प्रक्रिया के दौरान तत्कालीन पटवारी विनोद कुमार मेश्राम और तत्कालीन राजस्व निरीक्षक लेखराम साहू ने राजस्व अभिलेख में वास्तविक रकबे से अधिक भूमि दर्ज कर दी।

खसरे में दर्ज 0.150 हेक्टेयर भूमि को बढ़ाकर 0.153 हेक्टेयर दर्ज किया गया। इसके कारण पूरी भूमि अधिग्रहित होने के बावजूद 0.003 हेक्टेयर भूमि शेष होना दर्शाया गया।

अधिग्रहण के बाद भी बची जमीन दिखाकर किया विक्रय

जांच में खुलासा हुआ कि पूरी जमीन अधिग्रहित होने के

बावजूद रिकॉर्ड में बची हुई भूमि दर्शाकर उसका बाद में विक्रय कर दिया गया। इससे मूल भू-स्वामी को एक ओर अधिग्रहण का मुआवजा मिला, वहीं दूसरी ओर उसी भूमि को बेचकर अतिरिक्त आर्थिक लाभ भी प्राप्त हुआ।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में गलत तरीके से मुआवजा लेने वाले संबंधित भू-स्वामी से राशि की वसूली की जाएगी।

18 वर्षों में कई बार बदला मालिकाना हक

जांच में यह भी सामने आया कि भू-अर्जन मुआवजा प्रमाण-पत्र में भी भूमि के रकबे में अंतर दर्ज किया गया था। अधिग्रहण के बाद बची हुई भूमि के आधार पर कई बार नामांतरण और विक्रय की प्रक्रिया हुई। वर्तमान में यह भूमि कई बार हाथ बदलने के बाद दूसरे व्यक्ति के नाम राजस्व अभिलेख में दर्ज है।

पटवारी निलंबित, विभागीय जांच शुरू

प्रशासन का मानना है कि तत्कालीन पटवारी ने अपने शासकीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती, जिससे राजस्व अभिलेखों में अनियमितता हुई और पूरी भू-अर्जन प्रक्रिया प्रभावित हुई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत पटवारी को निलंबित कर विस्तृत विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच में अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और संभावित मिलीभगत की भी जांच होगी।

भारतमाला परियोजना में भी सामने आ चुकी हैं गड़बड़ियां

प्रशासन ने बताया कि भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम आर्थिक गलियारा परियोजना में भी इसी प्रकार की अनियमितताएं सामने आ चुकी हैं। आरोप है कि कुछ मामलों में पटवारियों की मिलीभगत से एक ही खसरे की भूमि को कई हिस्सों में बांटकर परिवार के सदस्यों के नाम दर्ज कराया गया और अधिक मुआवजा हासिल किया गया। इस पूरे मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहा है और अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।

Land Acquisition Scam: 18 साल बाद प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

राष्ट्रीय राजमार्ग-53 के लिए अधिग्रहित जमीन के रिकॉर्ड में कथित हेरफेर के मामले में तत्कालीन पटवारी को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच में पूरी भूमि अधिग्रहित होने के बावजूद अतिरिक्त जमीन दर्शाकर उसका विक्रय और मुआवजा लेने का मामला सामने आया है। प्रशासन ने संबंधित भू-स्वामी से रिकवरी की प्रक्रिया भी शुरू करने की बात कही है।

Nuapada Election Rally : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 6 नवंबर को ओडिशा के नुआपाड़ा में करेंगे जनसभा
Bijapur IED Recovery: बीजापुर में नक्सल साजिश फेल, 17 IED बरामद कर बड़ी वारदात टली
Sukma River Drowning : होली के बाद नदी में नहाने गए तीन दोस्त डूबे, SBI कैशियर की मौत, दो युवकों को ग्रामीणों ने बचाया
इमरजेंसी लैंडिंग : इंदौर से रायपुर जा रही इंडिगो फ्लाइट में तकनीकी खामी, यात्रियों में मची अफरा-तफरी
BCI Notice to Kalyan Law College: मान्यता अपडेट विवाद पर कॉलेज ने रखा पक्ष, सॉफ्टवेयर चूक को बताया वजह
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram

ताजा खबरें

Chital Hunting
Chital Hunting : नर चीतल के अवैध शिकार का खुलासा, सात आरोपी गिरफ्तार 

सीजी भास्कर, 04 जुलाई : छत्तीसगढ़ सरकार की वन्यजीव…

Suposhit Bachpan Abhiyan
Suposhit Bachpan Abhiyan : आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे कलेक्टर, बच्चों को खिलाए सुपोषण लड्डू

सीजी भास्कर, 04 जुलाई :  बलौदाबाजार जिले में…

Snake Bite Death : छत्तीसगढ़ में सर्पदंश का कहर, तीन दिनों में छह लोगों की मौत 

सीजी भास्कर, 04 जुलाई : छत्तीसगढ़ में सर्पदंश…

DD Hospital Negligence 
DD Hospital Negligence  :  गंभीर लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, ऑपरेशन थिएटर और ICU सील 

सीजी भास्कर, 04 जुलाई :  गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में डीडी…

Climate Change
Climate Change : जलवायु परिवर्तन के दौर में किसानों के लिए वरदान बनेगी ग्राफ्टेड सब्जी 

सीजी भास्कर, 04 जुलाई :   जलवायु परिवर्तन (…

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्विक लिंक्स
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य

हमारे बारे में

मुख्य संपादक : डी. सोनी

संपर्क नंबर : +91 8839209556

ईमेल आईडी : cgbhaskar28@gmail.com

© Copyright CGbhaskar 2025 | All Rights Reserved | Made in India by MediaFlix
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?