सीजी भास्कर, 05 जुलाई : धमतरी जिले के कोलियारी गांव में अतिक्रमण हटाने संबंधी नोटिस जारी होने के बाद ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। कोलियारी अतिक्रमण नोटिस (Koliyari Encroachment Notice) को लेकर कई परिवारों को आशंका है कि उनके मकानों पर बुलडोजर चल सकता है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आवासीय मकान को नहीं हटाया जाएगा। कार्रवाई केवल शासकीय भूमि पर घरों के अलावा बने बाड़े, बाउंड्रीवाल और अन्य अवैध निर्माण तक सीमित रहेगी।
50 से अधिक परिवारों में बढ़ी चिंता
करीब दो हजार की आबादी वाले कोलियारी गांव में 50 से अधिक परिवार स्वयं को इस कार्रवाई से प्रभावित मान रहे हैं। कोलियारी अतिक्रमण नोटिस (Koliyari Encroachment Notice) जारी होने के बाद ग्रामीणों ने बैठकें शुरू कर दी हैं। कई लोगों का कहना है कि वे पिछले 40 से 50 वर्षों से यहां रह रहे हैं, जबकि कुछ परिवार दो दशक से अधिक समय से इस गांव में निवास कर रहे हैं। गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने कई मकान भी मौजूद हैं।
ग्रामीण बोले- वर्षों से इसी पते पर रह रहे हैं
ग्रामीणों का कहना है कि उनके आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, बिजली बिल और अन्य सरकारी दस्तावेज इसी पते पर बने हुए हैं। उनका दावा है कि वे वर्षों से करों का भुगतान कर रहे हैं और उनके पूर्वज भी इसी स्थान पर रहते आए हैं। कोलियारी अतिक्रमण नोटिस (Koliyari Encroachment Notice) को लेकर ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि किसी व्यक्ति विशेष को अलग से नोटिस नहीं दिया गया, बल्कि केवल सार्वजनिक सूचना चस्पा कर दी गई।
विधायक ने दिलाया भरोसा, मकान नहीं तोड़े जाएंगे
स्थानीय विधायक ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की और अधिकारियों से चर्चा के बाद भरोसा दिलाया कि लोगों के आवासीय मकानों को नहीं तोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां लोग वर्षों से निवास कर रहे हैं, वहां कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। हालांकि सरकारी भूमि पर नए अतिक्रमण को भी बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। कोलियारी अतिक्रमण नोटिस (Koliyari Encroachment Notice) के बीच विधायक ने लोगों से संयम बनाए रखने की अपील भी की।
प्रशासन ने अफवाहों से बचने की अपील की
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी निजी संस्था को जमीन देने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। कौशल विकास विभाग की ओर से शासकीय भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है, जिसके तहत खाली सरकारी भूमि की पहचान की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार खसरा नंबर 905, 906 और 907 शासकीय भूमि के रूप में दर्ज हैं और इन्हीं अभिलेखों के आधार पर जांच की जा रही है। प्रशासन ने कहा कि कोलियारी अतिक्रमण नोटिस (Koliyari Encroachment Notice) के तहत फिलहाल किसी भी परिवार को बेघर करने की योजना नहीं है। केवल शासकीय भूमि को सुरक्षित रखने और भविष्य की सरकारी आवश्यकताओं के लिए अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।



