सीजी भास्कर, 05 जुलाई : छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को विश्व मंच पर अमिट पहचान दिलाने वाली पंडवानी की महान लोक गायिका तीजन बाई (Pandwani Legend Teejan Bai) के निधन पर वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस दौरान उन्होंने तीजन बाई ऑडिटोरियम की मांग (Teejan Bai Auditorium Demand) करते हुए कहा कि वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत एक हजार सीटर अत्याधुनिक ऑडिटोरियम का नाम ‘पद्म विभूषण तीजन बाई ऑडिटोरियम’ रखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि इससे आने वाली पीढ़ियां तीजन बाई के संघर्ष, साधना और सांस्कृतिक योगदान से प्रेरणा लेंगी।
ऑडिटोरियम का नाम तीजन बाई के नाम पर रखने की पहल
विधायक रिकेश सेन ने कहा कि तीजन बाई ऑडिटोरियम की मांग (Teejan Bai Auditorium Demand) केवल एक नामकरण का प्रस्ताव नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को सम्मान देने की पहल है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वे जल्द ही दुर्ग कलेक्टर और नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त को औपचारिक पत्र लिखकर ऑडिटोरियम का नाम तीजन बाई के नाम पर रखने का आग्रह करेंगे।
‘पंडवानी को गांव से विश्व मंच तक पहुंचाया’
रिकेश सेन ने कहा कि पंडवानी की महान लोक गायिका तीजन बाई (Pandwani Legend Teejan Bai) ने पंडवानी को गांव की चौपाल से उठाकर विश्व के प्रतिष्ठित मंचों तक पहुंचाया। उन्होंने अपनी अद्वितीय प्रस्तुति से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। विधायक ने कहा कि यदि नई सांस्कृतिक धरोहर उनके नाम से जानी जाएगी तो यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात होगी। तीजन बाई ऑडिटोरियम की मांग (Teejan Bai Auditorium Demand) इसी सम्मान की भावना का प्रतीक है।
‘नई पीढ़ी तक पहुंचे उनकी विरासत’
विधायक ने कहा कि तीजन बाई का जीवन संघर्ष, साधना और समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उनकी स्मृतियों को सहेजना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना समाज और शासन दोनों की जिम्मेदारी है। उनके अनुसार तीजन बाई ऑडिटोरियम की मांग (Teejan Bai Auditorium Demand) को स्वीकार करना केवल एक महान लोक कलाकार को श्रद्धांजलि नहीं होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान का भी प्रतीक बनेगा।



