सीजी भास्कर, 05 जुलाई : छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ सीजन के बीच उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बेमेतरा जिले में 275 बोरी यूरिया जब्त की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रहे विशेष अभियान के तहत प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि किसानों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। उर्वरक कालाबाजारी कार्रवाई (Fertilizer Black Marketing Action) के तहत यह कार्रवाई प्रदेशभर में चल रहे सघन अभियान का हिस्सा है।
गुप्त सूचना पर छापा, 275 बोरी यूरिया जब्त
जानकारी के अनुसार कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देश और कृषि विभाग के नेतृत्व में गठित उड़नदस्ता दल ने ग्राम जानो (तहसील देवकर) में अंजोर वर्मा के परिसर पर छापा मारा। जांच के दौरान उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 का उल्लंघन करते हुए 275 बोरी यूरिया का अवैध भंडारण मिला। उर्वरक कालाबाजारी कार्रवाई (Fertilizer Black Marketing Action) के तहत पूरे स्टॉक को जब्त कर संबंधित व्यक्ति को कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
किसानों को समय पर और सही कीमत पर उर्वरक उपलब्ध कराने पर जोर
राज्य सरकार ने कहा है कि खरीफ सीजन में किसानों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में निजी कृषि केंद्रों, उर्वरक विक्रेताओं और सहकारी संस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। उर्वरक कालाबाजारी कार्रवाई (Fertilizer Black Marketing Action) के जरिए कृत्रिम अभाव पैदा करने और मुनाफाखोरी पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है।
गुणवत्ता जांच के लिए भेजे जाएंगे नमूने
कृषि विभाग ने जब्त किए गए उर्वरकों के नमूने अधिकृत प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों तक केवल मानक गुणवत्ता वाले उर्वरक ही पहुंचें और किसी प्रकार की मिलावट या घटिया सामग्री बाजार में न बिके।
अनियमितता मिलने पर होगी एफआईआर और कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई निजी विक्रेता, कृषि केंद्र या सहकारी संस्था उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी, अवैध भंडारण या निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री करते हुए पाई गई तो उसके खिलाफ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर एफआईआर दर्ज कर मामला न्यायालय में भी प्रस्तुत किया जाएगा। उर्वरक कालाबाजारी कार्रवाई (Fertilizer Black Marketing Action) के तहत पूरे प्रदेश में अभियान लगातार जारी रहेगा।
कलेक्टर ने कहा- किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं
कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी या कृत्रिम अभाव किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिकायत मिलने पर बिना पूर्व सूचना के तत्काल जांच और छापामार कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत मिलने पर तुरंत होगी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने किसानों और आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या अधिक कीमत पर बिक्री की जानकारी मिले तो तत्काल कृषि विभाग या जिला प्रशासन को सूचित करें। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई होगी।



