सीजी भास्कर, 09 जुलाई। रोजमर्रा की भागदौड़ में कई मुलाकातें ऐसी होती हैं जो लंबे समय तक याद (Layoff) रह जाती हैं। नोएडा में एक साधारण डिलीवरी के दौरान हुई ऐसी ही मुलाकात ने हजारों लोगों को भावुक कर दिया। एक बुजुर्ग की जिंदगी का अनुभव सामने आया तो सोशल मीडिया पर लोग खुलकर अपनी राय देने लगे।
कहानी में सबसे ज्यादा लोगों का ध्यान उस शख्स की बातों ने खींचा जिसने वर्षों तक एक ही कंपनी में काम किया, लेकिन नौकरी छूटने के बाद उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। अब यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बनी हुई है।
डिलीवरी के दौरान हुई मुलाकात Layoff
यह कहानी सोशल मीडिया मंच लिंक्डइन पर किरण वर्मा नाम के व्यक्ति ने साझा की है। उन्होंने बताया कि नोएडा में एक जरूरी लिफाफा भेजने के लिए उन्होंने एक डिलीवरी सेवा बुक की। कुछ देर बाद एक बुजुर्ग डिलीवरी पार्टनर उनके घर पहुंचे। पहली मंजिल पर रहने के कारण वह नीचे नहीं जा सके और बुजुर्ग को सीढ़ियां चढ़कर आना पड़ा।
किरण वर्मा ने बताया कि उन्हें इस बात का अफसोस हुआ। उन्होंने बुजुर्ग को वापस बुलाया, घर के अंदर बैठाया और बातचीत की। इसी दौरान उस व्यक्ति ने अपनी जिंदगी की कहानी साझा की।
चौदह साल बाद चली गई नौकरी
बुजुर्ग ने अपना नाम मनोज बताया और कहा कि वह पहले एक निजी बीमा कंपनी के प्रशासन विभाग में काम करते थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में बड़े पैमाने पर हुई छंटनी के दौरान 14 साल तक सेवा देने के बाद उन्हें भी नौकरी से हटा दिया गया।
उन्होंने कहा कि उम्र बढ़ने और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों की वजह से नई नौकरी मिलना भी आसान नहीं रहा। इसी कारण अब वह डिलीवरी का काम करके अपनी आजीविका चला रहे हैं।
एक उदाहरण ने सबको सोचने पर मजबूर किया
जब उनसे नौकरी जाने की वजह पूछी गई तो उन्होंने एक उदाहरण देकर अपनी (Layoff) बात रखी। उन्होंने कहा कि जैसे सब्जी बनाते समय सबसे पहले करी पत्ता डाला जाता है, लेकिन खाना खाते समय सबसे पहले उसी को अलग कर दिया जाता है। उनकी यह बात सोशल मीडिया पर लोगों को गहराई से छू गई।
लोगों ने दिए भावुक जवाब
यह पोस्ट सामने आने के बाद कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी। कुछ लोगों ने मनोज के लिए नई नौकरी दिलाने की पेशकश की। कई लोगों ने लिखा कि ऐसे लोगों की मदद के लिए आगे (Layoff)आना चाहिए। वहीं कुछ ने कहा कि इस कहानी ने यह याद दिलाया है कि हर व्यक्ति के साथ सम्मान और संवेदनशीलता से पेश आना कितना जरूरी है।



