सीजी भास्कर, 09 जुलाई। गरियाबंद जिले में अपराधों की जांच को पहले से ज्यादा तेज और सटीक बनाने की दिशा में पुलिस ने बड़ा कदम (Digital Evidence) उठाया है। अब विवेचकों के हाथों में आधुनिक तकनीक होगी, जिससे घटनास्थल पर ही जरूरी डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किए जा सकेंगे। इस पहल को लेकर पुलिस महकमे में नई कार्यशैली अपनाने की तैयारी भी तेज हो गई है।
जिले में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विवेचकों को आधुनिक स्मार्टफोन सौंपे गए। इसके साथ ही डिजिटल पुलिसिंग और नई तकनीकों के इस्तेमाल पर विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि जांच प्रक्रिया को समयबद्ध और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
72 विवेचकों को मिले आधुनिक स्मार्ट फोन Digital Evidence
पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के निर्देशन में गरियाबंद पुलिस ने आपराधिक जांच को आधुनिक स्वरूप देने के उद्देश्य से 72 विवेचकों को स्मार्टफोन वितरित किए। इन उपकरणों की मदद से डिजिटल साक्ष्यों का संकलन आसान होगा और मामलों की विवेचना में तेजी आएगी।
डिजिटल पुलिसिंग पर दिया गया प्रशिक्षण
स्मार्टफोन वितरण के साथ समीक्षा बैठक और प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें विवेचकों को आधुनिक पुलिसिंग टूल्स के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान ई साक्ष्य, ई साइन एफआईआर, न्यायालयीन दस्तावेजों के डिजिटल प्रमाणीकरण और समाधान ऐप के संचालन पर विशेष जोर दिया गया।
मौके पर ही सुरक्षित होंगे डिजिटल साक्ष्य
प्रशिक्षण में बताया गया कि अब विवेचक घटनास्थल से डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित तरीके से एकत्र (Digital Evidence) कर सकेंगे। इससे जांच प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी और अदालत में साक्ष्यों को प्रस्तुत करना भी आसान बनेगा।
कागजी प्रक्रिया होगी कम, जांच में आएगी तेजी
वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि बदलते समय में अपराधों की प्रकृति भी बदल रही है। ऐसे में पुलिस का तकनीकी रूप से मजबूत होना जरूरी है। आधुनिक स्मार्टफोन मिलने से कागजी प्रक्रिया में समय की बचत होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और अपराधों की जांच पहले से अधिक प्रभावी तरीके से पूरी की जा सकेगी।



