सीजी भास्कर, 09 जुलाई : पुलिस लाइन में पेयजल संकट (Water Crisis) गहराता जा रहा है। शहर की पुलिस लाइन स्थित आवासीय कॉलोनी में पिछले चार दिनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे सैकड़ों पुलिसकर्मियों के परिवार गंभीर परेशानी झेल रहे हैं। कॉलोनी के C, D, E, F और G ब्लॉक में नलों से एक बूंद पानी नहीं आ रहा। पंप खराब (Water Crisis) होने के कारण हालात इतने खराब हो गए हैं कि महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे तक बाल्टी लेकर पानी की तलाश में इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। लगातार चार दिन से जलापूर्ति बंद रहने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
पीने के पानी से लेकर रोजमर्रा के काम तक प्रभावित
पानी की आपूर्ति बंद होने का असर परिवारों की पूरी दिनचर्या पर पड़ रहा है। लोगों को पीने के पानी, भोजन बनाने, नहाने, कपड़े धोने और अन्य घरेलू कार्यों के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवार आसपास के इलाकों से पानी लाकर किसी तरह अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग निजी साधनों से पानी खरीदने को भी मजबूर हैं।
रहवासियों का कहना है कि लगातार चार दिनों से जल संकट बना हुआ है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। ऐसे में पुलिसकर्मियों के परिवारों की मुश्किलें हर दिन बढ़ती जा रही हैं।
ऊपरी मंजिलों में रहने वालों की सबसे ज्यादा परेशानी
कॉलोनी की तीसरी और चौथी मंजिल पर रहने वाले परिवारों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। उन्हें नीचे से बाल्टियों और डिब्बों में पानी भरकर कई मंजिल ऊपर तक ले जाना पड़ रहा है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह काम बेहद कठिन साबित हो रहा है।
रहवासियों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरतों के लिए कई बार नीचे उतरना और पानी ढोना पड़ रहा है। इससे शारीरिक परेशानी के साथ-साथ काफी समय भी बर्बाद हो रहा है। लगातार बनी इस स्थिति से लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
पंप खराब, चार दिन से नहीं हुआ सुधार
जानकारी के अनुसार कॉलोनी में जलापूर्ति करने वाला पंप खराब हो गया है, जिसके कारण पूरे परिसर में पानी की सप्लाई बंद है। रहवासियों का आरोप है कि पंप खराब होने की सूचना संबंधित अधिकारियों को कई बार दी गई, लेकिन अब तक उसकी मरम्मत नहीं कराई गई।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पंप ठीक करा दिया जाता तो इतनी बड़ी समस्या खड़ी नहीं होती। चार दिन बीत जाने के बाद भी विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
टैंकर तक की व्यवस्था नहीं, बढ़ी नाराजगी
रहवासियों का आरोप है कि जल संकट के बावजूद प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की। न तो पानी के टैंकर भेजे गए और न ही अस्थायी जलापूर्ति की कोई व्यवस्था की गई। इससे लोगों को अपनी व्यवस्था स्वयं करनी पड़ रही है।
पुलिसकर्मियों के परिवारों का कहना है कि जो कर्मचारी दिन-रात कानून व्यवस्था संभालने में लगे रहते हैं, उनके परिवारों को मूलभूत सुविधा के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। लोगों ने जल्द से जल्द पंप की मरम्मत कराने और नियमित जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है, ताकि परिवारों को राहत मिल सके।



